गांव अलीपुूर खालसा से शुक्रवार को यूपी के सहारनपुर के गांव खड़लाना में शादी रचाने को गई बारात के बाद महिलाएं खुशियों के गीत गा रही थी और ढोल की थाप पर नाच रही थी, लेकिन जैसे ही उन्हें पता लगा कि वधू पक्ष ने बारात को बंधक बना लिया गया तो उनकी खुशियां काफूर हो गई।
हालांकि दुल्हन पक्ष के इरादों को भांपकर घटना के दौरान ही दूल्हा चंपत हो गया। मामले को निपटाने के लिए शनिवार को अलीपुर खालसा से बड़ी संख्या में लोग यूपी गए। आखिरकार देर शाम पुलिस की मौजूदगी में सामान और शादी का खर्च लौटाने के आश्वासन पर बारातियों को छोड़ दिया गया।
हुआ यूं कि बारात चढ़त के दौरान दुल्हन के पिता के पास एक महिला का फोन आया। उसने बताया कि जिस युवक के साथ तुम अपनी बेटी की शादी कर रहे हो, उसकी पहले शादी हो चुकी है और वह उसका पति है। इसके बाद परिजनों ने अन्य ग्रामीणों के साथ बारात को एक घेर बंधक बना लिया और पुलिस को सूचित कर दिया। इसी बीच पोल खुलने की भनक लगते ही दूल्हा वहां से चंपत हो गया।
गांव से मिली सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने बताया कि युवक से शादी करने का दावा करने वाली महिला थाने आई थी लेकिन तब उससे कहा गया था कि ऐसा कोई दावा कोर्ट में ही किया जाए। बारात को बंधक बनाए जाने के बाद पुलिस दोनों पक्षों में समझौते के प्रयास करती रही। दुल्हन पक्ष की ओर से पुलिस से कहा गया कि बारात से शादी में खर्च और दिया गया सामान वापस लेने पर ही लौटाया जाएगा।
मंडप पर ही पहुंच गई पहली पत्नी
गांव अलीपुर खालसा से बारात सहारनपुूर के गांव खड़लाना में 29 जनवरी को गई थी। बताया जा रहा है कि दूल्हे ने चंडीगढ़ में पहले ही शादी की हुई थी। चंडीगढ़ में रहने वाली दूल्हे की पूर्व पत्नी को उसके पति द्वारा दूसरी शादी रचाए जाने की भनक लगी तो वह पुलिस बल के साथ गांव खड़लाना में मंडप में ही पहुंच गई है। बाराती और वधू के परिजन मंडप पर पुलिस व एक महिला के पहुंचने से हक्के-बक्के रह गए।
महिला ने दूल्हे को मंडप पर ही अपना पति करार दिया व मंदिर में शादी होने की तस्वीरें भी दिखाई। इससे पूरे गांव में सनसनी फैल गई और भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए। लड़की पक्ष के परिजन व ग्रामीणों में भी गुस्सा फूट गया और उन्होंने महिलाआें सहित लगभग पूरी बारात को ही बंधक बना लिया।
रातोरात प्लॉट बेचा
बताया जा रहा है कि लड़की पक्ष ने दूल्हे पक्ष के लोगों से शादी में खर्च हुए लगभग 20 लाख रुपये की मांग की थी। बबारात के बंधक होने पर दूल्हे के परिजन सदमे में आ गए और उन्होेंने बारात को छुड़वाने के लिए मिन्नतें भी की, लेकिन कोई हल नहीं निकला। दूल्हे के परिजन बारात छुड़ाने के लिए लड़की के परिजनों की मांग को पूरा करने के लिए अलीपूर खालसा पहुंचे और रातोरात प्लॉट आदि बेचकर रकम की व्यवस्था की और वापस खड़लाना गए। आखिर देर शाम तक दोनों पक्षों में राजीनामा हो गया और बारात को छोड़ दिया गया।
दूल्हा चंडीगढ़ में करता था नौकरी
बताया जा रहा है कि अलीपुर खालसा निवासी युवक चंडीगढ़ में पिछले कई वर्षों से एक गैस एजेंसी में कार्य करता था। वहां उसके किसी युवती के साथ शादी रचाने की सूचना है, लेकिन युवक ने इस मामले की भनक परिजनों को नहीं दी। उधर परिजनों ने उसकी शादी जिला सहारनपुर के गांव खड़लाना में तय कर दी।
बारातियों की गाड़ियों की निकाली हवा
यूपी से गांव पहुंचे एक बाराती ने बताया कि वधू पक्ष के लोगाें को आशंका थी कि कहीं बाराती वाहनों में सवार होकर रफूचक्कर न हो जाएं, इसलिए उन्होंने सभी वाहनों की हवा निकाल दी। हवा निकालने के बाद योजनाबद्ध तरीके से लड़की पक्ष के लोगों ने महिलाओं सहित दो दर्जन बारातियों को बंधक बना लिया।
बेटे का नहीं हुआ है विवाह
उधर, युवक की मां का कहना है कि उसके बेटे का पहले किसी से कोई विवाह नहीं हुआ है। किसी लड़की ने कोई साजिश रची है, जिसके कारण उनको बंधक बनाया गया है।