माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। धान का उठान धीमी गति से होने की वजह से अनाज मंडी धान की भरी बोरियों से भर चुकी है। जिसकी वजह से मंडी को एक बार फिर दो दिन के लिए बंद रखने का फैसला किया गया। वीरवार को भी मंडी बंद रही और शुक्रवार को भी रहेगी। इससे पहले भी मंडी रविवार और सोमवार को बंद रह चुकी है। मंगलवार और बुधवार को दो दिन खरीद के बाद फिर से दो दिन के लिए मंडी को बंद करने का निर्णय लिया गया है।
दूसरी ओर मार्केट कमेटी सचिव का दावा है कि मंडी फुल है। उठान चल रहा है। इसलिए दो दिन तक मंडी को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। यूपी की ओर से आने वाले धान को बैन कर दिया गया है। जो ट्रॉलियां आती हैं उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया जाता है। अधिकारियों का कहना है कि इसके लिए विशेष टीम बनाई गई है। जो गेट पास से लेकर मंडी के एंट्री गेट पर खड़ी रहती है। जो भी धान से भरी ट्रॉली मंडी में आती है उसकी किसान के साथ वेरिफिकेशन की जाती है। उत्तर प्रदेश से आने वाली धान को मंडी में प्रवेश तक नहीं करने दिया जाता। सख्ती के बाद भी रोजाना चार से पांच ट्रॉलियों को गेट के बाहर से वापस भेज दिया जाता है। अगर किसान जबरदस्ती मंडी में आने की कोशिश करता है तो सेक्टर चार पुलिस को बुला लिया जाता है।
दूसरी ओर जिला प्रशासन का दावा है कि जिले की विभिन्न मंडियों में अब तक 9 लाख 15 हजार 609 मीट्रिक टन धान की आवक हुई है, जिसमें से खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा 613294 मीट्रिक टन, हैफेड द्वारा 183621 व हरियाणा वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन द्वारा 118694 मीट्रिक टन धान खरीदा गया है। मंडियों से धान उठान का कार्य सरकारी खरीद एजेंसियों को समय पर कराने के आदेश दिए गए हैं।
मंडी में उठान और गेट पास काट रहे जाली, सीधे जा रहे राइस मिल
गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि करनाल अनाज मंडी से भी उनके पास शिकायतें आई हैं कि यहां फर्जी गेट पास काटे जा रहे हैं। फर्जी उठान हो रहा है। केवल रिकॉर्ड में छेड़छाड़ की जाती है। उन्होंने बताया कि उन्हें मार्केट कमेटी सचिव आशा रानी से जवाब मिला है कि पिछले सीजन मंडी में 15.22 लाख टन धान की आवक हुई जो अब तक 15.73 लाख तक पहुंच गई है। चढूनी ने कहा कि अभी किसानों की फसल खेतों में ही खड़ी है। जबकि मंडी में आवक ज्यादा पहुंच चुकी है। यहां ट्रक आते हैं फर्जी गेट पास कटवा, उठान की पर्चियां बनवा राइस मिल चले जाते हैं। कुछ घंटे बाद फिर आते हैं। धान की बोरियां न उठाई और खाली की और सैकड़ों बोरियों का रिकॉर्ड में चढ़ा दिया जाता है। इस पर मार्केट कमेटी सचिव ने कहा कि मंडी से बाहर से धान नहीं आ रही है। वे केवल यहां के किसानों के गेट पास काटते हैं।