फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विनय नरवाल को शहीद का दर्जा दे सरकार: पिता राजेश नरवाल की भावुक अपील, जन्मदिन पर रक्तदान शिविर की घोषणा

Wed, 30 Apr 2025 12:51 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल (हरियाणा)

सार

विनय नरवाल के बलिदान ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे करनाल और देश को गमगीन कर दिया है। उनकी स्मृति में बनने वाला रक्तदान शिविर और शहीद का दर्जा देने की मांग उनके साहस और देशभक्ति को सम्मान देने का एक प्रयास है। 
विज्ञापन
लेफ्टिनेंट विनय नरवाल का परिवार - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में मारे गए भारतीय नौसेना के लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के पिता राजेश नरवाल ने सरकार से अपने बेटे को शहीद का दर्जा देने की मांग की है। करनाल में मीडिया से बातचीत में राजेश नरवाल ने अपने बेटे के आगामी जन्मदिन (1 मई) को यादगार बनाने के लिए रक्तदान शिविर आयोजित करने की घोषणा की और देशवासियों से इस मुहिम में शामिल होने की अपील की।

विज्ञापन


विनय के जन्मदिन को रक्तदान से बनाएंगे यादगार
राजेश नरवाल ने कहा कि कल विनय का जन्मदिन है। हमने तय किया था कि कश्मीर से लौटने के बाद उसका 27वां जन्मदिन पूरे परिवार के साथ धूमधाम से मनाएंगे। लेकिन नियति को कुछ और मंजूर था। उन्होंने बताया कि विनय की याद में करनाल की सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि जहां भी संभव हो, विनय को श्रद्धांजलि देने के लिए रक्तदान शिविर आयोजित करें। राजेश ने कहा कि विनय की छुट्टियां खत्म होने के बाद वह कोच्चि में अपनी ड्यूटी पर लौटने वाला था, लेकिन आतंकी हमले ने उनके सपनों को छीन लिया।

विज्ञापन


युवा देश सेवा के लिए आएं आगे- मां की अपील
विनय की मां आशा नरवाल ने भावुक होते हुए कहा कि 1 मई को हमारे बेटे का जन्मदिन है। हमने इसके लिए पहले से तैयारी कर रखी थी, लेकिन भगवान ने उसे हमसे छीन लिया।" उन्होंने देश के युवाओं से अपील की कि वे देश सेवा के लिए आगे आएं और अपना जीवन राष्ट्र के लिए समर्पित करें। आशा ने कहा कि विनय ने देश के लिए अपनी जान दी। हर युवा को उससे प्रेरणा लेनी चाहिए।

पहलगाम हमले में खोया करनाल का लाल
26 वर्षीय लेफ्टिनेंट विनय नरवाल, जो कोच्चि में तैनात थे, अपनी पत्नी हिमांशी के साथ हनीमून के लिए पहलगाम गए थे। 16 अप्रैल को उनकी शादी हुई थी, और 19 अप्रैल को करनाल में रिसेप्शन हुआ था। 22 अप्रैल को बैसरन घाटी में आतंकियों ने अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें विनय समेत 26 लोगों की जान चली गई। हिमांशी ने बताया कि आतंकियों ने विनय का धर्म पूछा और नकारात्मक जवाब मिलने पर उनकी गोली मारकर हत्या कर दी।

सरकार से शहीद का दर्जा और न्याय की मांग
राजेश नरवाल ने कहा कि मेरा बेटा देश के लिए शहीद हुआ। मैं सरकार से मांग करता हूं कि विनय को शहीद का दर्जा दिया जाए। उन्होंने केंद्र सरकार पर भरोसा जताते हुए कहा कि आतंकियों को सजा देने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे। विनय के दादा हवा सिंह, जो हरियाणा पुलिस से रिटायर्ड हैं, ने भी सरकार से आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।
विज्ञापन


हरियाणा सरकार का सहयोग
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विनय के परिवार को 50 लाख रुपये की अनुग्रह राशि और एक परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है। सैनी ने विनय के अंतिम संस्कार में शामिल होकर परिवार को सांत्वना दी और कहा कि हरियाणा सरकार इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ी है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें