संवाद न्यूज एजेंसी
असंध/मूनक। असंध को जिला बनाने की मांग तो दो दशक पुरानी है। इन दिनों विधायक से लेकर आम नागरिक तक हर कोई असंध को जिला बनाने की मांग कर रहा है।
कारण ये है कि असंध उपमंडल की दूरी करनाल से भी उतनी ही है, जितनी पानीपत और जींद या कैथल से। ये करीब 45 किलोमीटर की दूरी पर केंद्र में स्थित है। यहां के लोगों को जिला मुख्यालय तक जाने में अच्छा खासा समय लगता है।
जिससे उनका समय और धन का अनावश्यक व्यय होता है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 29 मई को ही असंध के सालवन गांव में राज्यस्तरीय महाराणा प्रताप जयंती में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे। यहां भी जिला बनाने की मांग की गई लेकिन सीएम चुप्पी साधे रहे तो लोगों को निराशा हुई। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता व क्षेत्र की विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संस्थाएं असंध को जिला बनाने की मांग उठा चुकी है।