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सरकारी स्कूलों को गुड बाय कर रहे पेरेंट्स

Tue, 08 Jul 2014 11:57 PM IST
अमर उजाला/ब्यूरो, करनाल
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शिक्षा की गुणवत्ता का ढिंढोरा पीटने वाले शिक्षा विभाग के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। सरकारी स्कूलों में निरंतर शिक्षा का स्तर गिरता जा रहा है। इसकी वजह से हर साल बच्चों का प्रतिशत भी घट रहा है।
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अभिभावक अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलवाने के लिए निजी स्कूलों को तवज्जों दे रहे हैं। अगर विभागीय आंकड़ों पर नजर दौड़ाई जाए तो एक साल के अंदर सरकारी स्कूलों में बीस हजार बच्चों की कमी आई है।

इस साल सरकारी स्कूलों में कक्षा दसवीं का परिणाम पचास प्रतिशत का आंकड़ा भी नहीं छू सका। इसकी वजह से विद्यार्थियों ने सरकारी स्कूल के बजाय प्राइवेट स्कूल में एंट्री मारी है। 2013-14 के सेशन में एक लाख 38 हजार 982 विद्यार्थी थे, जो सेशन 2014-15 यानी इस बारघटकर मात्र एक लाख 34 हजार रह गए हैं।
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मिड-डे मील के बजाय दें बेहतर शिक्षा
अभिभावक सुनील शर्मा, विकास, धर्मबीर, रामनिवास, बलबीर का कहना कि मिड-डे मील व स्टाई फंड देने के बजाय अच्छी शिक्षा दें, ताकि बच्चों का भविष्य संवारा जा सके। गरीब अमीर का भेदभाव पैसे से नहीं बल्कि शिक्षा के माध्यम से दूर किया जा सकता है।
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किस कक्षा में कितने विद्यार्थियों की हुई कमी
सेशन 2013-14                 सेशन 2014-15
कक्षा          विद्यार्थी             विद्यार्थी
पहली        12119               7167
दूसरी         13943               12453
तीसरी        15202               13781
चौथी         15120               14517
पांचवीं        16013               14781
छठी           16385                14361
सातवीं         15537                15205
आठवीं         14541                14672
नौवीं            11772                11004
दसवीं         10540                 9446
ग्यारहवीं        6700                  3069
बारहवीं         5056                  3850


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