महाराजा अजमीढ़ जी की मूर्ति का अनावरण करते मुख्यमंत्री मनोहर लाल।
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जयंती के दिन ही महाराजा अजमीढ़ की जयंती भी मनाई जाती है, ऐसे में सरकारी अवकाश सूची में महर्षि वाल्मीकि जयंती के साथ ही महाराजा अजमीढ़ की जयंती को भी जोड़ा जाएगा। सीएम ने सेक्टर-13 स्थित चौक पर रखी गई महाराजा अजमीढ़ की मूर्ति का मंगलवार को अनावरण किया।
उन्होंने कहा कि महापुरुष महाराजा अजमीढ़ ने राजस्थान में अजमेर शहर को बसाया था। उनके नाम पर करनाल में चौक बनाने की मांग की गई थी। इस मांग को नगर निगम करनाल ने पूरा किया है। मैढ़ क्षत्रिय सुनार सभा ने संस्था के लिए भूमि की मांग भी रखी थी, जिसे हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के जरिए प्रदान किया गया है। मैढ़ क्षत्रिय सुनार समाज मेहनतकश समाज है। कर्म में विश्वास रखने वाला यह समाज निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है।
मौके पर सभा के प्रधान रामभज वर्मा ने मुख्यमंत्री को पगड़ी पहनाकर सम्मान दिया। इस अवसर पर घरौंड़ा विधायक हरविंद्र कल्याण, इंद्री विधायक रामकुमार कश्यप, भाजपा जिलाध्यक्ष योगेंद्र राणा, महापौर रेनूबाला गुप्ता, मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि संजय बठला, मीडिया कोऑर्डिनेटर जगमोहन आनंद, स्वच्छ भारत मिशन हरियाणा के कार्यकारी उपाध्यक्ष सुभाष चंद्र के साथ ही मैढ़ क्षत्रिय सुनार सभा से उप प्रधान नोहरिया राम, महासचिव कुलदीप वर्मा, रूपचंद वर्मा, जय भगवान वर्मा आदि मौजूद रहे।