गांव गोंदर के सरपंच और ग्राम सचिव को विकास कार्यों के लिए आई राशि के दुरुपयोग करने के मामले में उपायुक्त ने निलंबित कर दिया है। गोंदर सरपंच पर गांव के विकास कार्यों के लिए आई राशि का दुरुपयोग करने में दोषी पाए जाने पर संबंधित विभाग द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। जिसका जवाब सरपंच द्वारा बीते 6 अगस्त को दिया गया। 7 अगस्त को अधिकारियों द्वारा निजी तौर पर भी उनका पक्ष सुना गया। जिसमें वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। जांच अधिकारी ने भी उनको दोषी पाया। जिसको लेकर डीसी ने सरपंच व सचिव को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया।
ग्रामीण सेठपाल ने बीते 19 मार्च को डीसी करनाल को शिकायत दी थी कि ग्राम सरपंच गोंदर व सचिव द्वारा गांव के विकास कार्यों के लिए आई राशि का दुरुपयोग किया गया। उन्होंने काफी कार्यों को लेकर गड़बड़ी की व उक्त राशि को अपने निजी कोष में जमा कर लिया। जिसके बाद जून में पंचायती राज विभाग अधिकारियों द्वारा करीब 6 बार मौके पर पहुंच फिजिकल वेरिफिकेशन कर रिपोर्ट डीसी को सौंपी गई।
बीडीपीओ निसिंग सुमित चौधरी का कहना है कि मौखिक रूप से इस प्रकार की सूचना मिली है। लेकिन लिखित रूप से अभी कोई पत्र उन्हें प्राप्त नहीं हुआ है। लिखित में विभागीय पत्र मिलने पर उचित कार्रवाई अमल में लायी जाएगी।