करनाल। दिवाली पर घर जाने की तैयारी कर रहे लोगों की जेब पर सफर का खर्च भारी पड़ रहा है। ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो रहा है, वहीं निजी बसों के किराए भी बढ़ गए हैं। खासकर बिहार और पूर्वांचल की ओर जाने वाले यात्रियों को त्योहार के आसपास सफर करने के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। ऑनलाइन बस बुकिंग प्लेटफॉर्म पर 5 नवंबर से आगे की तारीखों के टिकट देखे गए तो कई सेवाओं में किराया तीन हजार रुपये से शुरू होकर सात हजार रुपये तक पहुंचा हुआ मिला।
बस का किराया तारीख, गंतव्य, बस की श्रेणी और सीटों की उपलब्धता के हिसाब से अलग-अलग है। स्लीपर और प्रीमियम बसों में किराया अधिक होने से यात्रियों को टिकट बुक करने से पहले कई विकल्पों की तुलना करनी पड़ रही है। त्योहार के नजदीक आने के साथ कम कीमत वाली सीटों की उपलब्धता भी सीमित हो सकती है। ऐसे में घर जाने की योजना बना रहे यात्रियों को सफर के लिए सामान्य दिनों के मुकाबले ज्यादा बजट रखना पड़ रहा है।
करनाल से गोरखपुर और लखनऊ जाने वाली निजी बसों की ऑनलाइन बुकिंग भी उपलब्ध है। बुकिंग प्लेटफॉर्म पर करनाल से गोरखपुर के लिए टिकटों की शुरुआती कीमत लगभग तीन हजार रुपये दिखाई गई जबकि कुछ सेवाओं में किराया सात हजार रुपये तक था। करनाल से लखनऊ के लिए अलग-अलग बसों में शुरुआती किराया करीब 3500 रुपये से लेकर 5500 रुपये से अधिक तक दर्ज किया गया। बस की श्रेणी, तारीख और सीटों की उपलब्धता के अनुसार किराया अलग है।
बिहार और पूर्वांचल की ओर जाने वाले यात्रियों के सामने परेशानी केवल बसों के किराए तक सीमित नहीं है। दिवाली सप्ताह में करनाल से गुजरने वाली कई प्रमुख ट्रेनों में लंबी प्रतीक्षा सूची दर्ज की गई थी। ऐसे में कन्फर्म टिकट नहीं मिलने पर यात्रियों को दूसरे स्टेशन से ट्रेन पकड़ने या निजी बसों का विकल्प चुनने पर विचार करना पड़ रहा है। त्योहार के समय घर पहुंचने की मजबूरी के बीच महंगा सफर यात्रियों के बजट पर अतिरिक्त बोझ डाल रहा है।
-
कई ट्रेनों में वेटिंग 100 के पार
करनाल। दिवाली पर यूपी-बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलना भी चुनौती बना हुआ है। 22 अक्तूबर की रेलवे रिपोर्ट के अनुसार, दिवाली सप्ताह में नेताजी एक्सप्रेस में स्लीपर श्रेणी में 108 और थर्ड एसी में 78 वेटिंग थी। अमृतसर-कटिहार आम्रपाली एक्सप्रेस में स्लीपर श्रेणी में 110 और थर्ड एसी इकॉनमी में 87 वेटिंग दर्ज की गई थी। ऊंचाहार एक्सप्रेस की विभिन्न एसी श्रेणियों में भी लंबी प्रतीक्षा सूची थी। यात्रियों की परेशानी यह भी है कि दिल्ली से चलने वाली कुछ त्योहार विशेष ट्रेनों का लाभ लेने के लिए उन्हें पहले दिल्ली या अंबाला तक पहुंचना पड़ेगा। ब्यूरो