कर्ण नगरी में सड़कों पर मिनी इंडिया की झलक दिखाई दी। शांति और भाईचारे के साथ विश्व बंधुत्व का संदेश देते हुए 22 प्रदेशों व रसिया और एस्टोनिया के युवा अपनी पंरपरागत वेश भूषा में निकले। मौका था निफा द्वारा आयोजित युवा महाकुंभ हारमनी के तहत निकाले गए इंटरनेशनल यूनिटी मार्च का। करनाल की सड़कों पर करनाल हो या गोहाटी अपना देश अपनी माटी.., कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत एक हैं। रैली की अगुवाई महाराष्ट्र से आए मुस्लिम युवा कर रहे थे। वह हाथ में तिंरगा लिए हुए थे। रैली में सर्वधर्म सद्भाव का अनूठा संगम दिखाई दिया।
रैली का शुभारंभ डेरा कार सेवा से बाबा सुक्खा सिंह ने किया। उन्होंने बच्चों का आह्वान किया वे सरबत का भला करने के लिए काम करें। उन्होंने कहा कि यह शिविर इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि इस साल पहली पातशाही गुरु नानक देव जी का 550 सालाना प्रकाशोत्सव मनाया जा रहा है। कमेटी चौक, पुरानी जीटी रोड, कुजंपुरा रोड, अस्पताल रोड, पुरानी सब्जी मंडी चौक व सेक्टर-12 से होते हुए रैली विभिन्न शिविर स्थल तक पहुंची। रैली में करनाल के विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने भी भाग लिया। रैली का मार्गों पर सड़क के दोनों तरफ खड़े लोगों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। इस अवसर पर निफा के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रीतपाल सिंह पन्नू, नरेश बराना, प्रबेश गाबा मौजूद रहे।
सेहत बचाने के लिए प्लास्टिक का मोह त्यागें : धीरज कुमार
मंगलसैन सभागार में चल रहे हारमनी युवा महाकुंभ के तीसरे दिन हुए परिसंवाद में नगर निगम के उपायुक्त धीरज कुमार भी पहुंचे। उन्होंने सभी से प्लास्टिक का त्याग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश को प्रदूषण मुक्त करने के लिए जरूरी है कि हम देश को प्लास्टिक मुक्त बनाएं। यदि हमें अपनी नई पीढ़ी को रोग मुक्त करना है तो प्लास्टिक का मोह छोड़ना होगा। इस अवसर पर स्वच्छता और प्लास्टिक मुक्त भारत विषय पर युवाओं ने अपनी बात रखी। कार्यक्रम की अध्यक्षता उड़ीसा से आये मधु भाई ने की।
समाज के सभी वर्गों को निफा कर रही है सम्मानित
निफा ने युवा महाकुंभ में एक अलग परंपरा स्थापित की हैं। इस कार्यक्रम में प्रतिदिन समाज के हर वर्ग को उनकी भूमिका के लिए सम्मानित किया जा रहा है। इसकी शुरूआत समाचार पत्र वितरकों से की गई। उसके बाद चौकीदार, शिक्षाविद, डाक्टर व सफाई कर्मचारियों को सम्मानित किया जा चुका है। इसके बाद यहां पोस्ट मेन, उद्योगपति, व्यापारी, मीडियाकर्मी, ट्रैफिक कर्मी, शहीदों के परिजन, सैनिक, फ्रीडम फाइटर, समाजसेवी, सरपंच, जिला परिषद सदस्य, पार्षदों को सम्मानित किया जाएगा।
बचपन से दोनों टांगों में पोलियो होने के बावजूद रोहताग में कार चलाने वाले अमृतपाल सिंह व एक दुर्घटना में दोनों टांगों से अपाहिज होने के बावजूद रग्बी में राष्ट्रीय गोल्ड जीत चुके सुखविंदर सोही को भी हारमनी कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। दोनों दिव्यांग नायकों को इंडिया ब्रेवरी अवार्ड से सम्मानित किया गया। माउंट आबू से ब्रह्मा कुमारी के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के हेड दयाल भाई ने अपने हाथों से ये अवार्ड दिए। इस अवसर पर जहां पायल ठाकुर ने अपने मधुर गीतों से समां बांधा, वहीं राधे ने अपने देशभक्ति से भरपूर नृत्य से सभी का मन मोहा।