गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ ही नहीं, बल्कि यह सम्मान का प्रतीक होने के साथ-साथ जीवन शैली और आध्यात्मिक व्यवस्था का सार भी है। संस्कारों और आदर्शों की प्रतिमूर्ति का सारगर्भित संदेश गीता से ही मिलता है। ये बातें प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शनिवार को सेक्टर-12 के हुडा ग्राउंड में विभिन्न विभागों और सामाजिक संस्थाओं द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी के उद्घाटन के उपरांत विभिन्न स्टालों का अवलोकन करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि गीता से निकले संदेश हमारी जीवन शैली को सार्थक रूप से आगे बढ़ाने का काम करते हैं।
गीता के संदेश आमजन का पहुंचाएं
गीता जयंती महोत्सव में मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे संदेशों को हमें आमजन तक पहुंचाना है और इसी तरह से व्यवस्था को आगे बढ़ाने का काम करना है। यह कार्य हम ऐसे महोत्सव मनाकर ही बेहतर तरीके से कर सकते है। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी स्थल पर बागवानी विभाग, शिक्षा, कृषि, सिंचाई, मत्स्य, पशु पालन, महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा विधिक सेवा प्राधिकरण के साथ-साथ सामाजिक संस्थाओं नवचेतना मंच, प्रतिमा रक्षा सम्मान समिति, निफा, प्रजापिता ईश्वरीय ब्रह्म कुमारी विश्वविद्यालय द्वारा लगाए गए स्टालों को गहनता से देखा। इन स्टालों पर स्कूली छात्राओं द्वारा गीता के 18 अध्यायों से संबंधित श्लोकों के उच्चारण को मुख्यमंत्री ने बड़े ध्यानपूर्वक सुना और बच्चों के सिर पर हाथ रखकर उन्हें आशीर्वाद दिया।
मौके पर येे रहे मौजूद
इस मौके पर खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री कर्णदेव कांबोज, ओएसडी अमरेन्द्र सिंह, हैफेड के चेयरमैन हरविंद्र कल्याण, नीलोखेड़ी के विधायक भगवान दास कबीरपंथी, पूर्व केंद्रीय राज्य गृहमंत्री आईडी स्वामी, बाल कल्याण परिषद की सचिव संतोष अत्रेजा, मेयर रेनू बाला गुप्ता, चंद्रप्रकाश कथूरिया, जगमोहन आनंद, पूर्व मंत्री शशिपाल मेहता, अशोक सुखीजा, भगवानदास अग्गी, जयपाल शर्मा, जगदेव पाढ़ा, योगेन्द्र भट्ट, आकाश भट्ट, नवीन बत्तरा, चंद्रशेखर बड़ागांव, कपिल अत्रेजा, मुकेश अरोड़ा, ईलम सिंह, यशपाल ठाकुर, बलजीत सिंह जग्गा, हरि सिंह रोड़, दीवान सिंह, कुलदीप शर्मा, बलजीत सिंह जग्गा सहित जिला प्रशासन की ओर से डीसी डा. जे. गणेशन, एसपी पंकज नैन सहित सभी विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।
इलेक्ट्रानिक झांकियों ने किया रोमांचित
गीता जयंती समारोह में श्री रघुनाथ मंदिर द्वारा लगाई गई झांकियों ने दर्शकों को रोमांचित किया। इन झांकियों में गीता के सार को विस्तार से दिखाया गया है। यहीं नहीं राधा कृष्ण की झांकी, बाल सखा की झांकी, कृष्ण अर्जुन की झांकी, माखन चुराते कृष्ण की झांकी, कृष्ण और बलराम की झांकी को जीवंत दिखाया गया है। मंदिर के प्रधान विनोद खेत्रपाल ने बताया कि यह सभी झांकियां इलेक्ट्रिक झांकियां है। यह झांकियां मंदिर की है।
महोत्सव में दी कानून की जानकारी
महोत्सव में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जिला एवं सत्र न्यायाधीश ललित बत्तरा के मार्गदर्शन में प्रदर्शनी लगाई गई है। इस स्टॉल पर सिविल जज सीनियर डिवीजन के.पी. सिंह और एडवोकेट रमन मल्होत्रा लोगों को कानून की जानकारी दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इस स्टाल का भी अवलोकन किया तथा कहा कि कानून का ज्ञान भी हम सब के लिए अनिवार्य है।
18 अध्यायों के बारे में बताया
समारोह में सिटीजन ग्रिवेंसिज कमेटी द्वारा लगी प्रदर्शनी में खड़े राधा-कृष्ण ने लोगों को मंत्रमुग्ध किया। आते-जाते लोग उनसे बात करने के लिए आतुर है। पारूल बनी राधा और कृष्ण बने प्रिंस का कहना है कि यहां आकर हमें बेहद अच्छा लगा। प्रदर्शनी में सिटीजन ग्रिवेंसिज कमेटी की ओर से प्रोफेसर एसके शर्मा ने बताया कि इस झांकी में राधा-कृष्ण के अलावा गीता के महत्व के बारे में बताया गया है तथा गीता के 18 अध्यायों के सार के बारे में लोगों को विस्तार से बताया जा रहा है।