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सरपंच की रिहाई के लिए बंद रहा शहर, शवयात्रा निकाली

Sat, 04 Jan 2014 04:30 PM IST
अमर उजाला, घरौंडा
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छह दिन बीतने के बाद भी गांव चौरा के सरपंच की रिहाई न होने पर घरौंडा सरपंच एसोसिएशन के नेतृत्व में शुक्रवार को उमडे़ जनसैलाब ने शहर में प्रदर्शन किया।
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गिरफ्तारी के विरोध में पूरा शहर बंद रहा। प्रदर्शनकारियों ने शहर में डीएसपी व जिला प्रशासन के पुतले की शवयात्रा निकाली और रेलवे रोड चौक पर पुतला फूंका।

किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तहसीलदार निर्मल दहिया, थाना प्रभारी ईशवर सिंह समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल चौराहों पर तैनात रहा।

प्रदर्शन में कांग्रेस, इनेलो, बीजेपी समेत कई राजनीति संगठनों ने भाग लिया। साथ ही सरपंचों का आमरण अनशन भी जारी रहा।

शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में लोग बीडीपीओ कार्यालय पर इकट्ठा हुए। दुकानदारों ने पूर्णरूप से अपनी दुकानें बंद रखीं। लोगों  ने शहर में जमकर बवाल काटा।
बाद में बीडीपीओ कार्यालय में हजारों महिला-पुरुषों ने एसोसिएशन के पदाधिकारियों के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन और डीएसपी की शवयात्रा निकाली।

शवयात्रा नई अनाज मंडी से रेलवे रोड, मंडी मनीराम, सनातन धर्म मंदिर, सर्विस लेन से होती हुई रेलवे रोड पहुंची। रेलवे रोड चौक पर प्रदर्शनकारियों ने दोनों पुतले फूंके।
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छह दिन से अनशन पर बैठे एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय राणा ने कहा कि गांव चौरा के सरपंच राजेंद्र खुराना की रिहाई के लिए जिले की सभी पंचायतें, पूरे हलके के बच्चे, महिला, पुरुष एकजुट हैं।

वहीं दुकानदारों ने किए गए बंद के ऐलान में पूरा सहयोग दिया और अपनी दुकानें बंद रखी। उन्होंने प्रशासन को चेताया कि अगर सरपंच को रिहा नहीं किया तो शनिवार को सभी सरकारी कार्यालयों में ताले जड़ दिए जाएंगे और सभी कामकाज ठप कराए जाएंगे।

हलका विधायक नरेंद्र सांगवान ने पूरे प्रदर्शन में सरपंचों का साथ दिया। उन्होंने कहा कि जब सरकार सरपंचों के साथ अत्याचार करने में जुटी है तो अनुमान लगाया जा सकता है कि आम आदमी की क्या जिंदगी होगी।

अनशन पर बैठे सरपंच रमेश वर्मा व बलकार संधू ने कहा कि प्रशासन की ओर से सरपंच को रिहा करने का कोई आश्वासन नहीं आया है।

एसोसिएशन ने फैसला लिया है कि शनिवार को किसी भी सरकारी कार्यालय को खुलने नहीं देंगे और सभी कार्यालयों को सुबह से ही ताले जड़ दिए जाएंगे।

फिर भी प्रशासन ने सरपंच को रिहा नहीं किया तो अगामी आंदोलन उग्र होगा।  

नहीं हुई जमानत
लोगों को पूरी उम्मीद थी कि सरपंच राजेंद्र सिंह की जमानत शुक्रवार को हो जाएगी लेकिन उनकी जमानत नहीं हो सकी। बताया जा रहा है कि सरपंच की सुनवाई के लिए शनिवार का दिन निर्धारित किया गया है।
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