घरौंडा। प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। घरौंडा के 30 बिस्तरों वाले नागरिक अस्पताल को अब 100 बिस्तरों में बदला जाएगा। इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने इस संबंध में महानिदेशक को पत्र जारी किया है। इसमें आगामी प्रक्रिया के लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
अस्पताल के भवन निर्माण से संबंधित परियोजना प्रस्ताव वित्त विभाग की हिदायतों के अनुसार तैयार होगा। इसके बाद योजना विभाग के माध्यम से स्थायी वित्त समिति से अनुमोदन प्राप्त करना होगा। सैद्धांतिक मंजूरी के बाद अब वित्तीय स्वीकृति और भवन निर्माण की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। वर्तमान में सीमित बिस्तरों के कारण गंभीर मरीजों को करनाल के नागरिक अस्पताल अथवा कल्पना चावला राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल रेफर करना पड़ता है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को अतिरिक्त समय, किराए और अन्य खर्च का सामना करना पड़ता है।
अस्पताल की क्षमता बढ़ने से घरौंडा और आसपास के गांवों के लोगों को स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार मिलेगा। इससे करनाल के बड़े अस्पतालों पर मरीजों का दबाव कम होगा। मरीजों और उनके परिजनों को दूर के अस्पतालों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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वार्ड और विशेषज्ञ सेवाओं के विस्तार का खुलेगा रास्ता
100 बेड का अस्पताल बनने के बाद महिला और पुरुष मरीजों के लिए अलग-अलग वार्ड, बच्चों के उपचार, प्रसूति सेवाओं और आपातकालीन सुविधाओं के विस्तार की संभावना बनेगी। इसके साथ ही ऑपरेशन थिएटर, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, एंबुलेंस और जांच प्रयोगशाला जैसी सुविधाओं को भी नई क्षमता के अनुरूप विकसित किया जा सकेगा। अस्पताल के क्रमोन्नयन के साथ चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य पैरामेडिकल कर्मचारियों के पद बढ़ने की भी उम्मीद है। इससे मरीजों को जांच और उपचार के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा तथा विशेषज्ञ सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
करनाल पर निर्भरता होगी कम
घरौंडा क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से मांग रही है कि शहर के नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जाए। 100 बिस्तरों का अस्पताल बनने से क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का आधार मजबूत होगा और गंभीर मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद बार-बार दूसरे बड़े अस्पतालों में रेफर करने की आवश्यकता कम हो सकती है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सौ बेड का बनने से क्षेत्र के लोगों को काफी फायदा होगा। सौ बिस्तरों का अस्पताल बनने से महिला व पुरुषों के लिए अलग-अलग जनरल वार्ड, 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं, आईसीयू, मेटरनिटी वार्ड, बच्चों का वार्ड, दो से तीन ऑपरेशन थियेटर, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, एंबुलेंस व लैब की सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगे।
- हरविन्द्र कल्याण, विधानसभा अध्यक्ष