करनाल। पीएम विश्वकर्मा योजना भारत की पारंपरिक कला और शिल्पकला को जीवित रखने और देश के कारीगरों और शिल्पकारों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने में सहायक है। डीसी उत्तम सिंह ने बताया कि योजना के तहत 18 विभिन्न प्रकार के पारंपरिक व्यवसायों को शामिल किया गया है। उन्होंने योजना के पात्र सभी कारीगरों का आह्वान किया कि वे तुरंत इस योजना को लेकर अपना पंजीकरण करें व लाभ उठाएं। उन्होंने बताया कि योजना के तहत श्रमिकों, महिलाओं और उनके बच्चों तक को सुविधा प्रदान की जाती है। संवाद