माई सिटी रिपोर्टर
करनाल/इंद्री। गढ़पुर टापू के टूटे हुए तटबंध की मरम्मत हो गई है। समसपुर-मुस्सेपुर के पास कटे तटबंध को पाटने का काम जारी होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन ग्रामीणाें की मानें तो इसमें लेटलतीफी की जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार की सुबह 11 बजे तक भी समसपुर-मुस्सेपुर के पास कटे तटबंध को बांधने के लिए मिट्टी का एक भी डंफर नहीं पहुंचा। नतीजा वहां मौजूद सैकड़ों मजदूर खाली बैठे रहे।
ग्रामीण जसपाल, अंग्रेज, नरेश, अनिल और विजय ने बताया कि आपदा में भी प्रशासनिक अधिकारी लेटलतीफी से बात नहीं आ रहे हैं। इस वक्त यमुना का जल स्तर कम है। लिहाजा अधिकारियों को चाहिए कि तटबंध पाटने के काम तेजी से किया जाए, लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है। कभी समय पर मिट्टी नहीं आती तो कभी जेसीबी नहीं पहुंचती। जिससे तटबंध को पाटने का कार्य अधूरा है।
ग्रामीण विरेंद्र और रोहताश ने बताया कि तटबंध को पाटने के लिए काफी मात्रा में मिट्टी को वहीं से उठाया जा रहा है, जोकि सरासर गलत है। यदि ऐसे ही किया गया तो तटबंध अन्य जगह से भी टूट जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि इसकी जांच होनी चाहिए।
गढ़पुर टापू में भी तटबंध को पाटने का कार्य किया जा रहा था, इसलिए समसपुर में मिट्टी आने में देर हो गई थी। तटबंध से उठाई जा रही मिट्टी रास्ता बनाने के लिए उठाई जा रही है। कार्य पूरा होने के बाद उसे समतल कर दिया जाएगा। - नवतेज सिंह, एक्सइएन, सिंचाई विभाग
बाढ़ का पानी छोड़ गया तबाही के निशान
यमुना नदी में शुक्रवार को जलस्तर कम होने के कारण गढ़पुर टापू के पास टूटे तटबंध को पाटने काम प्रशासन ने पूरा कर लिया, लेकिन बाढ़ का पानी अपने पीछे तबाही के निशान छोड़ गया है। क्षेत्र की अधिकतर सड़कें टूट गई हैं। करीब 25 हजार एकड़ से ज्यादा फसल बर्बाद हो चुकी है।
गढ़पुर टापू के टूटे हुए तटबंध की मरम्मत हो गई है। इसके साथ ही समसपुर- मुस्सेपुर के टूटे हुए तटबंध की मरम्मत युद्ध स्तर पर जारी है। इसे बंद करने में भी जल्द सफलता मिलेगी। इस कार्य में 50 डंफर, चार पोकलेन मशीन और 12 जेसीबी लगी हैं। जिला प्रशासन निरंतर निगरानी बनाए है। अधिकारियों की पूरी टीम मौके पर मौजूद है। - अनीश यादव, उपायुक्त
कुंजपुरा के 12 से अधिक गांवों में पहुंचा पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
कुंजपुरा। हरियाणा-उत्तर प्रदेश सीमा पर पांचवें दिन भी गांव शेरगढ़ टापू यमुना पुल से आवागमन पूरी तरह से कट रहा। सरफाबाद, माजरा, रसूलपुर, महमदपुर, डबरकी कलां डबरकी खुर्द एवं सुभरी सहित 12 से अधिक गांवों पानी घुस गया। हजारों एकड़ भूमि में खड़ी विभिन्न फसलें खराब होने का खतरा बन गया है। गांव रसूलपुर में मेरठ रोड की तरफ पानी के बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासनिक अमला जमा रहा।
हालांकि यमुना में बह रहे पानी का स्तर शाम करीब पांच बजे चार फुट तक कम आंका गया। गांव समसपुर से यमुना बांध टूटने के बाद पानी से तबाही का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। क्षेत्र के करीब 12 गांव पानी की चपेट में आ गए। हालांकि अब रिंग बांध के भीतर ही यमुना में पानी बह रहा है।
यमुना से कुछ दूर बह रहे गंदे नाले में यमुना के पानी का बहाव बढ़ गया है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इसी रफ्तार से पानी बहता रहा तो शनिवार सुबह तक पानी करनाल मेरठ-हाइवे को छू सकता है। इस बीच कुंजपुरा-करनाल मुख्य सड़क पर बने एक धार्मिक डेरे में भी पानी घुस गया। पानी के हालात देखते हुए शेखपुरा एवं सुहाना आदि गांव के लोगों को सतर्क किया गया है।
एसडीआरएफ की टीमों ने गोवंशों को बचाया
कुंजपुरा कलवेहड़ी रोड स्थित गोशाला के आधे हिस्से में पानी भर गया। इस गोशाला में करीब 550 गोवंश हैं। एनडीआरएफ की टीम ने गायों को रेस्क्यू कर ऊंचाई पर मौजूद गोशाला के सुरक्षित हिस्से में पहुंचाया।