करनाल। लंबित मांगों के लिए आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स ने शनिवार को प्रदर्शन किया। स्थायी रोजगार ओर न्यूनतम वेतन 26000 देने की मांग की। चारों लेबर कोड्स को रद्द करने के लिए भी आवाज बुलंद की।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि देशभर में केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा सांसदों के कार्यालयों पर आईफा के आह्वान पर प्रदर्शनों ओर पड़ावों के कार्यक्रम किए जा रहे हैं। वर्कर्स एंड हैल्पर्स यूनियन के आह्वान पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के कार्यालय पर प्रदर्शन किया गया। अध्यक्षता रूपा राणा करनाल, सुनीता यमुनानगर, सोनीपत से सोना देवी, पूनम लोहान कैथल, क्रैच यूनियन की राज्य प्रधान सुशीला ने की।
यूनियन के राज्य उपप्रधान कामरेड सुरेंद्र, राज्य सचिव सचिव सुनील दत्त, रुपा राणा, बिजनेश राणा ने कहा कि भाजपा सरकार देश की लाखों आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स के साथ बड़ी धोखेबाजी और उनकी मेहनत की लूट कर रही है। यह लूट आंगनबाड़ी के साथ ही देश की एक करोड़ स्कीम वर्कर्स आशा, मिड डे मील के साथ भी हो रही है। वर्ष 2025 में आईसीडीएस ने 50 वर्ष, एमडीएम योजना ने 30 वर्ष और एनएचएम ने 20 वर्ष पूरे किए हैं। 45वीं भारतीय श्रम सम्मेलन द्वारा स्कीम वर्कर्स को नियमित करने, न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा की सिफारिश किए हुए एक दशक से अधिक समय बीत चुका है।