गन्ना संघर्ष समिति से जुड़े किसानों से साथ बुधवार को एसडीएम अश्वनी मलिक ने अपने कार्यालय में एक बैठक की। उसके बाद एसडीएम के नेतृत्व में किसानों का प्रतिनिधिमंडल पिकाडली शुगर मिल भादसों में गया। जहां पर किसानों और शुगर मिल अधिकारियों के बीच हुई बात में कुछ शर्तों के साथ स्थानीय किसान असंध व पानीपत क्षेत्र का पांच लाख क्विंटल गन्ना मिल में लाने पर सहमति बनी। एसडीएम अश्वनी मलिक ने कहा कि किसानों को समझाया गया कि असंध के किसान भी आपके भाई हैं अगर आपके क्षेत्र के शुगर मिल में कोई दिक्कत आ जाए तो आपको भी गन्ना दूसरी मिल में डालना पड़ सकता है। इसलिए उन्हें भी यह सुविधा दी जाए। विदित हो कि क्षेत्र के किसान भादसों शुगर मिल में बाहरी गन्ने लाने का विरोध करते आ रहे थे। पिछले दिनों किसानों ने बाहरी क्षेत्र के गन्ने व पेमेंट देरी से मिलने की बात को लेकर मिल तक बंद करवा दिया था। जिसके बाद बुधवार को बैठक में सहमति बनी कि असंध शुगर मिल क्षेत्र का चार लाख क्विंटल व पानीपत क्षेत्र का एक लाख क्विंटल गन्ना भादसों शुगर मिल में आएगा। हर रोज 50 ट्राली इन क्षेत्रों से भादसों मिल में आएगी और उनकी अलग से लाइन लगेगी। भादसों शुगर मिल अब 24 दिन में किसानों को गन्ने की पेमेंट कर रहा है। क्षेत्र के किसान इस बात पर राजी हुए कि अगर शुगर मिल 23 दिन में पेमेंट करेगा तो बाहरी क्षेत्र की हर रोज 10 ट्राली बढ़ा सकता है और अगर 22 दिन में पेमेंट करेगा तो 20 ट्राली ओर बढ़ा सकता है इसी प्रकार एक-एक दिन पेमेंट पहले करने पर 10-10 ट्राली प्रतिदिन बाहरी क्षेत्र का गन्ना भादसों मिल खरीद सकता है। एसडीएम ने कहा कि बैठक में एक बात पर ओर सहमति बनी कि क्षेत्र के जिस किसान के पास 10 एकड़ में गन्ना खड़ा है, उसे हर रोज एक पर्ची भादसों शुगर मिल देगा। यदि किसी किसान के 20 एकड़ खेत में गन्ना खड़ा है तो उस किसान को दो पर्ची हर रोज मिल की ओर से दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि इंद्री क्षेत्र में भी फिलहाल करीब सात लाख क्विंटल गन्ना खेतों में खड़ा है।