स्कूली छात्रों की सुरक्षा के मद्देनजर हाईकोर्ट और राज्य सरकार के सख्ती पर मंगलवार से परिवहन विभाग ने करनाल के प्राईवेट स्कूलों की बसों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया। अभियान के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें बाल संरक्षण आयोग की सदस्य सुनीता देवी, शिक्षा विभाग से सुशील कुमार, एएसआई अशोक कुमार व परिवहन विभाग से मोटर व्हीकल निरीक्षक अनिल कुमार को शामिल किया गया है। उक्त कमेटी ने मंगलवार को निसिंग ब्लाक के प्राईवेट बसों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कई बसें सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के नियमों का उल्लंघन करती पाई गई। जैसे अधिकतर बसों में महिला सहायक ही नियुक्त और एचएसआरपी की नंबर प्लेट नहीं थी। वहीं कुछ स्कूल बसों की साइड में नीली पट्टी नहीं पाई गई। कुछ स्कूल बसों में कैमरे और रूट बोर्ड तक नहीं थे। कमेटी ने स्कूल संचालकों को चेतावनी देते हुए इन सभी कमियों को एक सप्ताह के अंदर दूर कर लेने का निर्देश दिया। साथ ही चेतावनी दी की अगर एक सप्ताह के अंदर सुधार नहीं हुआ तो बसों को इम्पाउंड कर दिया जाएगा। बाल संरक्षण आयोग की सदस्य सुनीता देवी ने बताया कि स्कूल बसों की चेकिंग अभियान निरंतर जारी रहेगा। जो स्कूल सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के अंतर्गत नियमों की पालना नहीं करते। उनके खिलाफ प्रशासनिक कार्यवाही करते हुए स्कूल की मान्यता रद्द भी की जा सकती है।