फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnal News: मुक्केबाजी में कर्णनगरी का नाम चमका रहा गंगा

विज्ञापन
मुक्केबाजी में कर्णनगरी का नाम चमका रहा गंगा
विज्ञापन
सर्बिया में 21 से 27 अगस्त तक आयोजित प्रतियोगिता में जीत चुका रजत पदक
विज्ञापन


मुकेश राणा
करनाल। मुक्केबाज गंगा अपने मुक्केबाज चचेरे भाई निशांत की राह पर चलकर कर्णनगरी का नाम रोशन कर रहा है। वह गत माह सर्बिया में आयोजित स्पर्धा में रजत पदक जीत चुका है। सर्बिया में 41वीं गोल्डन ग्लव ऑफ वोज्वोडिना यूथ बॉक्सिंग प्रतियोगिता का आयोजन बॉक्सिंग फेडरेशन सर्बिया की ओर से 21 से 27 अगस्त तक किया गया। जिसमें सभी देशों के मुक्केबाजों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
गंगा कोट मोहल्ला निवासी अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर निशांत देव के चचेरे भाई हैं। 18 वर्षीय गंगा का 28 जून को ही जेएसडब्ल्यू (जिंदल स्पोट्र्स अकादमी ) बेंगलुरू के लिए चयन हुआ है। वहां पर वह बॉक्सिंग की बारीकियां सीख रहा है। 12वीं कक्षा पास करने के बाद गंगा वहां आगे की पढ़ाई भी जारी रखेगा। जेएसडब्ल्यू में गंगा विदेशी कोच के सानिध्य में प्रशिक्षण ले रहा है। गंगा का छोटा भाई रुद्र भी खिलाड़ी है। जो शूटिंग में प्री नेशनल में स्वर्ण पदक जीत चुका है।
विज्ञापन

गंगा जीत चुका है कई पदक
पिता विनोद कुमार का कहना कि गंगा अब तक दो बार राज्य स्तर पर स्वर्ण पदक, खेलो इंडिया में स्वर्ण, स्कूली राष्ट्रीय खेल में कांस्य पदक जीत चुका है। उन्होंने बताया कि गंगा पिछले चार साल से मुक्केबाजी कर रहा है। जेएसडब्ल्यू में जाने से पहले वह कर्ण स्टेडियम में कोच सुरेंद्र चौहान के पास खेल की तैयारी कर रहा था। बेेटे के जेएसडब्ल्यू में चयन के बाद माता सोनिया की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। उन्होंने बताया कि वह दोनों बेटों को अपने हाथों का बना पौष्टिक आहार देती हैं। माता-पिता का सपना है कि उनका बेटा ओलंपिक में देश को पदक दिलाए।
विज्ञापन


निशांत की तरह है गंगा का पंच : चौहान
कर्ण स्टेडियम के बॉक्सिंग कोच सुरेंद्र चौहान ने बताया कि गंगा का पंच भी अपने बड़े भाई निशांत देव की तरह ही है। उन्होंने बताया कि कर्ण स्टेडियम से निरंतर बेहतर मुक्केबाज तैयार हाे रहे हैं। यह सब बच्चों की कड़ी मेहनत का ही नतीजा है। निशांत देव की तरह गंगा भी देश का नाम रोशन जरूर करेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें