शहर के एक मुगल कैनाल के सोहम प्रॉपर्टी डीलर सुरेंद्र मोहन शर्मा के बेटे
सौरभ को पुलिस और लोगों ने युवकों के चंगुल से छुड़ाया। सौरभ का आरोप है
कि उसके ही दोस्तों ने झांसा देकर उसे इनोवा गाड़ी में बैठा लिया।
पुलिस के
प्रयास से उसका अपहरण होने से बच गया। मामला अपहरण का है या नहीं पुलिस
अभी जांच करने में लगी है। प्रेम नगर निवासी सौरभ को शाम को करीब सवा छह
बजे कमेटी चौक पर पुलिस ने छुड़वाया। पुलिस ने सौरभ को गाड़ी में ले जा रहे
चंडीगढ़ निवासी प्रवीन और हाल में गुड़गांव के गांव कन्नई में रहने वाले
विनोद को दबोच लिया। उनका तीसरा साथी मूल निवासी उत्तरप्रदेश और हाल में
आरकेपुरम क्षेत्र में रहने वाला कर्ण मौके से फरार हो गया। सौरभ ने पुलिस
को बताया कि उन लोगों की उससे पुरानी रंजिश है।
प्रवीन और कर्ण का उससे
झगड़ा भी हो चुका है। रंजिश में वह लोग सोमवार को उसके घर प्रेमनगर पहुंचे
थे। परिवार के लोगों द्वारा सौरभ घर पर नहीं होने की बात कही गई। बाद में
सौरभ उन लोगों को कैथल रोड ओवरब्रिज के नीचे रामनगर पुलिस चौकी क्षेत्र में
मिल गया। उन लोगों ने बहला फुसला कर उसे अपनी गाड़ी में बैठा लिया था। पुल
क्रास होते ही कर्ण ने गाड़ी शहर से पार करने के लिए कहा।
साथ ही कहा कि
आज उसकी हत्या कर उसे नहर में फेंक देंगे। उसका मुंह भी दबोच लिया गया। वह
बचाव में छटपटाया। गाड़ी खंभे से टकरा भी गई। शीशा भी टूट गया, लेकिन गाड़ी
नहीं रोकी। कमेटी चौकी में मोदी के शपथ ग्रहण के जश्न के कारण हुई भीड़
में गाड़ी फंस गई तो पुलिस कर्मियों ने उसे किसी तरह बचाया। कर्ण मौके से
फरार हो गया। पुलिस ने गाड़ी समेत दो अन्य युवकों को पकड़ लिया। दोनों से
पूछताछ की जा रही है।
अब तक मिली सूचना के अनुसार पकडे़ गए विनोद ने
बताया कि वह भी उत्तरप्रदेश के जिला हमीरपुर के गौंड़ा का रहने वाला है। वह
गुड़गांव में एक बड़े बिजनेसमेन की गाड़ी चलाता है।
उसे देहरादून छोड़ कर
वह वापस लौट रहा था। रास्ते में वह अपने दोस्त कर्ण से मिलने आया था। आगे
प्रवीन भी उसके साथ था। प्रवीन ने बताया कि वह चंडीगढ़ से आया था। तीनों ने
आरकेपुरम में ही एक मीट की दुकान पर शराब भी पी। तीनों लोग बाद में सौरभ
के घर गए थे। थाना शहर पुलिस के सब इंस्पेक्टर रमेश कुमार ने बताया कि
तीनों लोग पुलिस के पास है। पूछताछ की जा रही है। रामनगर पुलिस चौकी
इंचार्ज नरेश कुमार को भी बुलाया गया है। मामले की पूरी जांच हुए बिना कुछ
भी कहना संभव नहीं है।