माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। साइबर ठगों की ओर से पार्सल रद्द होने और केस में फंसाने का डर दिखाते हुए सुप्रीम कोर्ट के फर्जी दस्तावेज दिखाकर 25 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस को दी शिकायत में सेक्टर-7 निवासी गर्वित चुग ने बताया कि उनके पास 15 नवंबर को अनजान नंबर से कॉल आया। जिसमें आरोपी ने कहा कि आपका पार्सल रद कर दिया गया हे। इसके लिए जब उन्होंने संपर्क केंद्र से जांच की, तो उन्होंने एफआईआर दर्ज करने के लिए या मुंबई पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट करने को कहा।
इसके बाद उन्होंने स्काइप पर वीडियो कॉल के माध्यम से पुलिस अधिकारी से संपर्क किया, जहां उन्होंने शिकायत दर्ज की और बताया कि उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग और ड्रग तस्करी जैसे अन्य आपराधिक मामलों में एक एड्रेस वारंट दिया गया है। उन्होंने मामले से संबंधित दस्तावेज भी दिखाए, जिन पर सुप्रीम कोर्ट के अधिकारियों के हस्ताक्षर थे।
साथ ही मामला गोपनीय रखने को कहा गया और चेतावनी दी गई कि अगर मामले की जानकारी साझा की तो उन्हें तीन से सात साल तक की सजा हो सकती है। और यह एक गैर-जमानती अपराध होगा। इसके बाद अलग-अलग चार ट्रांजेक्शन में उन्होंने आरटीजीएस के माध्यम से आरोपियों को 25 लाख रुपये का भुगतान किया।