नई अनाज मंडी में फर्जी गेट पास मिलने के बाद काबू में आए दो आढ़तियों और एक मार्केट कमेटी के कर्मचारी के बाद अब राइस मिलर्स पर जांच की तलवार लटक गई है। अदालत ने तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया और उनको रिमांड पर लेने के लिए गुरुवार को अदालत में बहस होगी। पुलिस ने तीनों आरोपियों का दो दिन का रिमांड मांगा है। पुलिस को उम्मीद है कि आरोपियों से पूछताछ के पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा कि आखिर इस खेल कौन कौन शामिल है और किसको कितना हिस्सा मिलता है। इसके साथ ही पुलिस अब मंडी से मार्केट कमेटी का रिकार्ड अपने कब्जे में लेने जुट गई है। पुलिस की जांच से आढ़तियों, कर्मचारियों व राइस मिलर्स के पसीने छूट गए हैं।
गौरतलब है कि नई अनाज मंडी में किसानों के साथ हो रही लूट और फर्जी गेट पास को लेकर अमर उजाला ने खुलासा किया था। इसके बाद से मार्केट कमेटी ने दो आढ़तियों के पास से आठ फर्जी गेट पास पकड़े। इसमें मंडी का आक्शन रिकॉर्डर साधुराम भी शामिल मिला। सिटी थाना पुलिस ने तीनों को मंगलवार देर रात गिरफ्तार किया था। सूत्रों का कहना है कि पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फर्जी गेट पास के माध्यम से सरकार को मोटा चूना लगाया जाता है। यह खेल अकेले नहीं खेला जा सकता है।
पुलिस सूत्रों का दावा है कि आरोपियों ने माना है कि इस खेल में आढ़ती, कर्मचारी और राइस मिलर्स भी शामिल होते हैं और सभी का इसमें हिस्सा होता है। पुलिस जांच अब आढ़तियों और कर्मचारियों के बाद राइस मिलर्स पर है।
बुधवार को सिटी थाना पुलिस ने मंडी के अलग-अलग लोगों से पूछताछ की और फर्जी गेट पास कहां पर छपे और किसकी सहमति से छपे आदि को लेकर पड़ताल की। दरअसल पुलिस अब यह जानना चाह रही है कि फर्जी गेट पास के माध्यम से कौन से राइस मिल में चावल भेजा दिखाया गया है। यहीं से पूरे घोटाले का पर्दाफाश होना है। उधर, पुलिस जांच तेज होने के कारण राइस मिलर्स की नींद उड़ गई हैं। मिलर्स को इस बात की चिंता है कि कहीं अब जांच के दौरान उनके राइस मिल का स्टाक चेक न हो जाए।
इस बारे में सिटी थाना प्रभारी मोहन लाल का कहना है कि तीनों आरोपियों को बुधवार को अदालत में पेश किया गया था। अदालत ने तीनों को गुरुवार तक जेल भेज दिया। गुरुवार को फिर से रिमांड के लिए आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा। थाना प्रभारी ने बताया कि यह बड़ा मामला है। इसमें जांच कई पहलुओं को लेकर की जा रही है। गड़बड़ी करने वाला चाहे, कोई भी हो उसे बख्शा नहीं जाएगा।
रिकार्ड कब्जे में लेने की तैयारी
गौरतलब है कि मंडी के एच रजिस्टर में ही धान की आवक का आंकड़ा दर्ज होता है। पिछली बार भी इस मंडी से इस रजिस्टर के कई पेज गायब कर दिए गए थे और आनन फानन में एक साथ करीब 22 कर्मचारियों को बदला गया था। वहीं, इस बार भी आशंका है कि कहीं रजिस्टर से पेज ही गायब न कर दिए जाएं, इसलिए पुलिस जल्द से जल्द रिकार्ड काबू में लेना चाह रही है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने मंडी से कुछ रिकार्ड कब्जे में जांच के लिए लिया है और मार्केट कमेटी के कर्मचारियों से अलग-अलग करके पूछताछ भी की है। इसके अलावा, बता दें कि समय पर चावल न लौटाने पर पिछले दिनों डीएफएससी की ओर से चार राइस मिलर्स के खिलाफ केस दर्ज हो चुके हैं।
मिलीभगत हो चुकी साबित
आढ़तियों व कर्मचारियों की मिलीभगत मंडी में साबित हो चुकी है, क्योंकि फर्जी गेट पास आढ़ती और कर्मचारी के पास मिले हैं। आढ़ती रोहित गोयल और सुशील कुमार व कर्मचारी साधुराम के पास गेट पास कहां से आए और किसने यह उपलब्ध कराए यह बड़ा सवाल है? क्योंकि बड़ी यह है कि अकेले आढ़ती और कर्मचारी मिलकर ऐसा नहीं करते? आखिर किसके दम पर यह खेल चल रहा है? सवाल यह भी है कि और कितने फर्जी गेट पास बांटे गए हैं? मार्केट कमेटी के कर्मचारी के पास फर्जी गेट पास मिलने पर मार्केट कमेटी के सचिव चंद्रप्रकाश के पास भी कोई जवाब नहीं है। वे कहते हैं, वे इस बारे में कुछ नहीं जानते।