करनाल। प्रदेश सरकार ने बाल गृह में रहने वाले 10 बेसहारा और अनाथ बच्चों को हरिहर योजना के तहत सरकारी नौकरी प्रदान की है। इन 10 बच्चों में चार बच्चे करनाल के चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूट में पढ़ लिखकर बड़े हुए हैं। इनमें श्रद्धानंद अनाथालय की सुधा और सरिता, एमडीडी बाल भवन की दिव्या व हरियाणा राज्य बाल भवन का कन्हैया शामिल है। इन सभी बच्चों ने 12वीं की पढ़ाई के बाद हरिहर योजना के तहत अनुग्रह आधार पर नौकरी दी गई है। ये जानकारी जिला बाल कल्याण समिति के चेयरमैन उमेश चानना ने दी।
उन्होंने कहा कि बेसहारा व अनाथ बच्चों को हरिहर योजना के तहत सरकारी नौकरी देने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है। इस योजना के तहत नौकरी पाकर बेसहारा व अनाथ बच्चे अपना आगामी जीवन सम्मानपूर्वक जी पाएंगे। यह सरकारी नौकरी बच्चों को जीवन में आगे बढ़ाने में बड़ी मददगार साबित होगी और यह सब हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अनुकरणीय सोच के कारण संभव हो पाया है। इस मौके पर जिला बाल कल्याण समिति की सदस्या निरूपमा सदर, मीना कंबोज व किरण बजाज मौजूद रही।