करनाल। हरियाणा रोडवेज की बसें वीरवार को सवारियाें का इंतजार करती रहीं। सवारियां कम होने के कारण 10-10 मिनट वाले रूट्स पर 40-40 मिनट के अंतराल में बसे दौड़ीं। दिन में जहां बसों के कम चक्कर लगे, वहीं रात 10 बजे के बाद भी बस चलती मिली। वोट करने गई सवारियों और बूथ अधिकारियों को भी अपने गंतव्य स्थान पर पहुंचाने के लिए रोडवेज की लारी तैयार रही।
करनाल डिपो में 198 बसाें का बेड़ा है। इनमें से 180 बसें विभिन्न मार्गों पर रहती हैं। सवारियों को बेहतर सफर देकर करीब 12 लाख रुपये का राजस्व कर रही हैं। वीरवार को मतदान के कारण यह राजस्व तीन लाख रुपये भी पार नहीं कर पाया, लेकिन इस दिन का राजस्व अन्य दिनों में पूरा हो जाता है, क्योंकि दूरदराज से सवारियों पोलिंग बूथ तक एक दिन पहले पहुंच जाती हैं और अगले दिन फिर सफर करते हैं, इसलिए इन दो दिनों में बढ़े राजस्व में इस दिन की पूर्ति हो जाती है। बसों की सर्विस का टाइम बढ़ने से सवारियों को परेशानी हुई। तय समय पर नहीं पहुंच पाए। रोडवेज अधिकारियों ने जिस-जिस रूट्स का अंतिम समय था उक्त टाइम पर ही बस चलाई। रोडवेज के डीआई कर्मचंद ने बताया कि सवारियां कम होने के कारण बसों की सर्विस अंतराल बढ़ाया है। एक बस को चलने के लिए 30 से 35 सवारियां तो होनी चाहिए। इससे कम सवारियों में बस चलाकर तेल का खर्च भी पूरा नहीं होता। सवारियां कम होने के कारण ड्राइवर-कंडक्टर ने भी अपने-अपने गांव में बस रोककर वोट डालकर फिर से बस चलाते रहे।
करनाल डिपो की चालीस बसों के पहिये सवारियां न होने के कारण थमे रहे। करनाल, असंध में बसों की लाइन लगी रहीं। बस चलाने का नंबर अधिक देर में आने के कारण कर्मचारियों ने दिन में जमकर ताश खेले। सवारियां भी कर्मचारियों को चलने के लिए नहीं कह सकें, क्योंकि बस में सवारी न के बराबर थी और इस स्थिति में सवारी ही कहती रही कि सवारी आएंगी तभी तो बस चलेगी।