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Karnal News: लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम लेकर पूर्व प्रिंसिपल ने दी थी विधायक को धमकी

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विधायक को मिला धमकी वाला लेटर
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करनाल। बीरू वाल्मीकि हत्याकांड और हर्ष-बीरबल मुठभेड़ प्रकरण के बाद लगातार सुर्खियों में चल रहे करनाल के विधायक जगमोहन आनंद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से जान से मारने की धमकी सरकारी स्कूल के पूर्व प्रिंसिपल गुलाब सिंह मैहला ने दी थी। सीएचडी सिटी के रहने वाले आरोपी को करनाल पुलिस ने गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
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एसपी कर्ण गोयल के अनुसार, आरोपी ने कबूला है कि उसने ही धमकी भरा पत्र लिखा था और इंद्री के डाकघर से विधायक के आवास पर भेजा था। आरोपी का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था। इसमें वह बाइक से हेलमेट लगाकर डाकघर तक पहुंचता है। हेलमेट लगाए हुए ही लेटर बॉक्स में पत्र डालकर चला जाता है। इसी सीसीटीवी फुटेज में दिखी बाइक के नंबर के आधार पर जांच करते हुए पुलिस आरोपी तक पहुंची।
27 अगस्त की रात को विधायक को धमकी भरा पत्र मिला था। विधायक ने सीएम को इस बारे में अवगत कराया था। पत्र को डीजीपी को भेजा गया। सिविल लाइन थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी। जांच सीआईए को सौंपी गई थी।
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उस समय बीरू हत्याकांड में विधायक की टिप्पणी के खिलाफ रोड़ समाज प्रदर्शन कर रहा था। उनसे माफी की मांग की जा रही थी। आरोपी गुलाब सिंह भी रोड़ समाज से है। उसने पत्र किसके कहने पर लिखा और उसकी क्या मंशा थी, इस पर पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ करेगी। अभी तक की जांच में सामने आया है कि आरोपी का किसी भी गैंग से संबंध नहीं है। एसपी का कहना है कि आरोपी को 18 सितंबर को रिमांड के बाद अदालत में पेश किया जाएगा। इसके बाद पुलिस पूरे मामले का खुलासा करेगी।
लिखा था- तुझे और तेरे बेटे को गोलियों से कर देंगे छलनी
आरोपी गुलाब सिंह मैहला की ओर से हाथ से लिखा पत्र लॉरेंस बिश्नोई गैंग के एरिया कमांडर बलबीर सिंह के नाम से भेजा गया था। इसमें विधायक और उनके बेटे को एक माह में 20 गोलियों से छलनी करने की धमकी दी गई। पंजाबी समुदाय की बेटियों के लिए भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया।

तीन साल पहले हो चुका है सेवानिवृत्त
आरोपी गुलाब सिंह मैहला करीब 3 साल पहले सरकारी स्कूल नीलोखेड़ी के प्रिंसिपल पद से सेवानिवृत्त हो चुका है। प्रधानाचार्य से पहले वह अंग्रेजी का शिक्षक था। सेवानिवृत्त होने के बाद वह आम आदमी पार्टी से भी जुड़ा रहा। आरोपी का बेटा भाजपा के लिए कार्य करता रहा। उसकी एक विधायक और पूर्व सीएम के साथ सोशल मीडिया पर फोटो हैं।
यह था मामला
टिप्पणी : 5 अगस्त को बीरू वाल्मीकि की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के अगले दिन बीरू के परिजन और समाज के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। इसी दौरान विधायक जगमोहन आनंद मौके पर पहुंचे और उन्होंने परिजन को आश्वासन दिया कि उन्हें शाम तक रिजल्ट मिल जाएगा। उसी शाम रोड़ समाज से जुड़े हर्ष और बीरबल की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई।

रोष : विधायक के बयान और उसके बाद हुई मुठभेड़ पर रोड़ समाज ने रोष फैल गया। समाज ने लगातार प्रदर्शन किए गए। समाज का आरोप है कि हर्ष और बीरबल की मुठभेड़ फर्जी थी और इसकी न्यायिक जांच होनी चाहिए। यह मांग अभी पूरी नहीं हुई है।
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माफी : 30 अगस्त को विधायक जगमोहन आनंद ने अपने शब्दों के लिए रोड़ समाज से माफी मांगी थी।

विधायक को मिला धमकी वाला लेटर

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