संवाद न्यूज एजेंसी
इंद्री/करनाल। इंद्री के कमालपुर गडरियान में फर्जी दस्तावेज तैयार कर 44 कनाल जमीन बेचकर सैय्यद छपरा गांव निवासी किसान विक्रम के साथ धोखाधड़ी की गई है। मामले का खुलासा उस समय हुआ जब जमीन खरीद के 13 साल बाद असली मालिक खरीदार किसान के पास पहुंचा। शिकायतकर्ता ने जांच की तो पता लगा कि बेचने वाले आरोपी ने फर्जी दस्तावेज तैयार करके उन्हें जमीन बेची है। इस बारे में जब आरोपी को बोला गया तो उसने खेत में पाइपलाइन में तोड़फोड़ की और फसल को नुकसान पहुंचाया। वहीं शिकायतकर्ता को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। शिकायत के आधार पर इंद्री थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
सैय्यद छपरा गांव निवासी विक्रम सिंह ने बताया कि उन्होंने कमालपुर गडरियान गांव में 2012 में उधम सिंह वासी चोरपुरा से 71 कनाल 12 मरले जमीन खरीदी थी। इसमें से 27 कनाल 12 मरले रजिस्ट्री की थी जबकि 44 कनाल जमीन गिरदावरी की थी। आरोपी ने 44 कनाल जमीन के बारे में कहा कि जब उनके नाम गिरदावरी हो जाएगी, उसके दो माह बाद वो शिकायतकर्ता के नाम गिरदावरी करवा देंगे। इस जमीन की एवज में आरोपी उधम सिंह ने उनसे छह लाख रुपये लिए थे। बार बार कहने के बावजूद उनके नाम गिरदावरी नहीं करवाई। हालांकि उन्हें कब्जा उसी समय दिया गया था। वह आज तक इस जमीन पर खेती कर रहे हैं। अब उन्हें पता लगा है कि यह (गिरदावरी वाली) जमीन किसी और की है। जमीन के असल मालिक ने आकर उन्हें बताया कि आरोपी उधम सिंह ने जाली दस्तावेज तैयार करके उन्हें यह जमीन बेची है। इंद्री थाना प्रभारी विपिन कुमार ने बताया कि जांच की जा रही है।