करनाल। जिला बार एसोसिएशन के चुनाव में शुक्रवार की देर रात अफवाह ने माहौल को खराब कर दिया। नतीजों से पहले ही हार-जीत पर हंगामा हो गया। हालात यह बने कि मतगणना केंद्र के शीशे तक तोड़ दिए गए। अधिवक्ताओं के अनुसार, करनाल बार एसोसिएशन के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है, जब प्रधान सहित सभी छह पदों पर मतगणना के बाद जीत का फैसला चंडीगढ़ स्तर पर होगा। शुक्रवार को पूरा दिन उत्साह का माहौल रहा। रात में करीब साढ़े 8 बजे के बाद मतगणना के बीच में ही एक उम्मीदवार की जीत की अफवाह के बाद हालात बदल गए। इसका असर शनिवार को भी दिखाई दिए। अवकाश का दिन और लोक अदालत होने के बाद बाद भी करनाल के अधिवक्ताओं में रात के प्रकरण की चर्चा रही। जहां वोटिंग हो रही थी, वहां प्रत्याशियों के पर्चे और कार्ड बिखरे दिखाई दिए। यहां पहुंचने वाले आम लोगों में भी चर्चा यही थी कि अब कौन जीतेगा और कौन हारेगा।
शीशा तोड़ अंदर घुसे समर्थक, बीच में रुकी मतगणना
हालात यह बने कि प्रधान प्रत्याशी के समर्थक गुस्से में आ गए और शीशा तोड़कर मतगणना केंद्र में घुस गए। इससे मतगणना बीच में रुक गई। ऑब्जर्वर निर्मल सिंह का कहना है कि बाद में पुलिस ने हालात को नियंत्रण में लिया। इसके बाद जब विवाद बढ़ा तो वोटों को सील करके एसडीएम की निगरानी में रखवा दिया गया।
ऑब्जर्वर निर्मल सिंह का कहना है कि करनाल बार में चुनाव के दौरान विवाद तो कई बार हुए पर अब जैसे हालात कभी नहीं बने। मतगणना के लिए सोमवार को चंडीगढ़ बार काउंसिल से कमेटी गठित होने की उम्मीद है। स्थानीय अधिवक्ताओं का कहना है कि बाहरी लोगों के कारण माहौल खराब हुआ।
आरओ ने घोषणा नहीं की, वह किसी के कहने पर चल रहे : जंगशेर
प्रधान पद के उम्मीदवार जंगशेर राणा का कहना है कि आरओ ने कोई भी पोस्ट की घोषणा नहीं की तो पहले ही विजेता कैसे बना लिया गया। आरओ ने गिनती करने से मना किया था। हमने उन्हें गिनती करके नतीजे घोषित करने के लिए कहा था। मुझे लग रहा है कि आरओ किसी के कहने पर चल रहे हैं। वह निर्णय नहीं ले पा रहे। गिनती हो चुकी थी, घोषणा होना शेष थी। मैं एक वोट से जीत चुका था लेकिन आरओ ने घोषणा नहीं की। साइन करने से आरओ बचते दिखे।
दो वोट से आगे थे, नीचे 200 बता दिए : कनवदीप
प्रधान पद के उम्मीदवार कनवदीप का कहना है कि दो वोटों से आगे रहने की बात उन्हें आरओ की टीम ने बता दी थी। वह लीड कर रहे थे। नीचे बात पहुंची, जश्न शुरू हो गया। लोगों ने दो का 200 बता दिया, इसके बाद विवाद बढ़ गया। दूसरी पार्टी ने मतगणना केंद्र में घुसकर प्रदर्शन करते हुए मतगणना पर प्रश्नचिह्न लगा दिए। वोटों को रद्द करने की मांग की। नाम के आगे मोहर लगी होती है तो वो वैलिड होती है। लड़ते हुए हालात ऐसे बन गए कि गिनती नहीं हो सकती, इसलिए रिकाॅर्ड सील है। उम्मीद है कि अगले सप्ताह में नतीजे सभी के सामने होंगे।
शुक्रवार को हुई मतगणना के बाद शनिवार को समान्य देखा कोर्ट परिसर संवाद
शुक्रवार को हुई मतगणना के बाद शनिवार को समान्य देखा कोर्ट परिसर संवाद