सरकारी स्कूलों में शिक्षा के गिरते स्तर को उठाने के लिए शिक्षा विभाग और प्रदेश सरकार के दावों की शिक्षा अधिकारियों से लेकर स्कूल मास्टर व हैडमास्टर ही हवा निकाल रहे हैं। बेशक देश में पूर्व राष्ट्रपति के निधन पर स्कूलों की छुट्टी नहीं की जाती हो, लेकिन जब स्कूल के चपरासी की रिटायरमेंट पर छुट्टी कर दी जाए और अधिकारी इस मामले को हलके में लें तो क्या हो सकता है?
कुछ ऐसा ही मामला हुआ करनाल के निगदू गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में। दरअसल मंगलवार को स्कूल में कार्यरत पीएन मनी राम की रिटायरमेंट पार्टी थी। 12वीं तक के सभी बच्चे स्कूल में सुबह के समय ही पहुंच गए थे। इस स्कूल में करीब 1100 बच्चे पढ़ते हैं। मंगलवार को करीब 1050 बच्चे स्कूल में पहुंचे थे। रोजाना की प्रेयर के बाद कुछ देर स्कूल में बच्चों को बिठाए रखा और उसके बाद सुबह करीब 10 बजे इन सभी बच्चों को वापस घर भेज दिया गया। कारण बताया कि पीएन की रिटायरमेंट पार्टी है।
बच्चे भी खुशी-खुशी वापस अपने घर चले गए। जब इस बारे में खंड शिक्षा अधिकारी कपूर चंद से बातचीत की गई तो उन्होंने बड़े हल्के में इसे लेते हुए जवाब दिया कि इस बारे में वह स्कूल के हैडमास्टर से बातचीत करेंगे आज वह बाहर हैं। वहीं स्कूल के इंचार्ज अशोक ने बताया कि स्कूल में पीएन की रिटायरमेंट की पार्टी व अन्य कार्यक्रम के कारण अध्यापक व्यस्त थे इसीलिए छुट्टी कर दी गई।
खंड शिक्षा अधिकारी व स्कूल इंचार्ज से जवाब मांगा जाएगा
यह मामला बेहद गंभीर है। इस तरह अपनी मर्जी से बच्चों की छुट्टी नहीं की जा सकती। हमसे इस बारे में किसी ने कोई इजाजत नहीं ली। बुधवार को इस मामले जवाब मांगा जाएगा। निश्चित तौर पर जरूरी कार्रवाई होगी।
आशा मुंजाल, जिला शिक्षा अधिकारी, करनाल