माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निरीक्षकों पर लगातार हेराफेरी के आरोप लग रहे हैं। कुंजपुरा केंद्र पर मंत्री के हस्तक्षेप के बाद स्टॉक प्रभारी एवं खाद्य आपूर्ति निरीक्षक अशोक शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। दूसरे दिन भी उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। विभाग ने भी जांच शुरू कर दी है। गबन किए गए गेहूं की रिकवरी होगी। डीएफएससी ने ही अपने स्टाक प्रभारी पर सरकारी गेहूं के 68 लाख 61 हजार 358 रुपए के गबन का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था।
जांच करने के लिए विभागीय मंत्री भी कुंजपुरा स्थित गोदाम पर पहुंचे थे। इसके बाद 12 अगस्त को मुख्यालय के आदेश पर वर्ष 2025-26 के गेहूं के स्टॉक की जांच के लिए एक कमेटी बनाई गई थी। कमेटी ने 5 सितंबर को महानिदेशक को जांच रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट के अनुसार कुंजपुरा सेंटर पर 4904 गेहूं के भरे कट्टे स्टॉक में कम पाए गए। इनका वजन 2452 क्विंटल है। अगर इसकी मौजूदा बाजार दर 2798.27 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से कीमत निकाली जाए तो यह रकम 68 लाख 61 हजार 358 रुपये बनती है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर स्पष्ट हुआ कि निरीक्षक अशोक शर्मा ने 2452 क्विंटल सरकारी गेहूं का गबन किया है, जिससे सरकार को करोड़ों का स्टॉक संभालने वाले विभाग को 68 लाख से अधिक का नुकसान उठाना पड़ा है। थाना प्रभारी विक्रांत ने बताया कि आरोपी को पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है। इधर खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नियंत्रक अनिल कुमार ने बताया कि मामले की विभाग जांच भी चल रही है। गबन किए गए गेहूं की रिकवरी के लिए संबंधित आरोपी से की जाएगी।