सरकार की ओर से चलाई गई खाद्य सुरक्षा बिल योजना लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। उपभोक्ता योजना के फार्मों को सत्यापित कराने के लिए नगरपालिका कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन नपा अधिकारी फार्मों को सत्यापित करने में आनाकानी करके लोगों को टरका देते हैं।
इससे लोगों में सरकार और प्रशासन के खिलाफ गहरा रोष पनप रहा है। लोगों ने चेताया कि सरकार और प्रशासन ने शीघ्र समस्या का समाधान नहीं किया तो आंदोलन करने पर मजबूर होेंगे।
लोगों को सस्ते भाव में अनाज देने के लिए सरकार की ओर से चलाई खाद्य सुरक्षा बिल योजना अधिकारियों के साथ-साथ आम लोगों के लिए गले की फांस बन गई है।
अधिकारियों की ओर से लोगों को इस योजना के बारे में सही तरीके से अवगत नहीं कराया जा रहा है। खाद्य आपूर्ति विभाग ने डिपो होल्डरों को योजना का गेहूं बांटने के आदेश कर दिए थे, लेकिन फार्म पटवारी और नगरपालिका सचिव से सत्यापित होना जरूरी है।
नगरपालिका सचिव और पटवारी उपभोक्ताओं की जमीन के विवरण की जानकारी हासिल करके फार्मों को सत्यापित करेंगे।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में पांच एकड़ से कम जमीन और शहरी क्षेत्र में ढाई सौ गज से कम मकान वाले उपभोक्ता को योजना का लाभ मिलेगा।
वीरेंद्र सिंह, मोहन लाल, हरीश, सुरेश, मनोज, फूलवती देवी, माम कौर ने बताया कि पंद्रह दिनों से लगातार गेहूं लेने के लिए डिपो के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन डिपो होल्डर कोई न कोई बहाना बनाकर टरका देते हैं।
फार्मों को सत्यापित कराने के लिए नगरपालिका कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अधिकारी उन्हें दफ्तर में भी घुसने नहीं देते। उन्होंने चेताया कि प्रशासनिक अधिकारियों ने शीघ्र कोई हल नहीं किया तो सरकार के खिलाफ आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
नगरपालिका सचिव रविंदर सिंह ने बताया कि डीसी की ओर से अभी तक फार्मों को सत्यापित करने के आदेश जारी नहीं हुए हैं। इसके बारे में विस्तृत जानकारी नहीं मिली है। इस योजना की पूरी जानकारी मिलने के बाद फार्मों को सत्यापित करने का कार्य शुरू किया जाएगा।