घरौंडा के पूर्ति निरीक्षक ने चार दिन पहले ही सहायक पूर्ति निरीक्षक पर मारपीट का आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत दी थी। साथ ही जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियंत्रक (डीएफएससी) निशांत राठी सहित कई अधिकारियों पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लिया और खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले निदेशालय के निदेशक ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए पूर्ति निरीक्षक नवीन कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
चार दिन पहले ही पूर्ति निरीक्षक घरौंडा नवीन कुमार ने पुलिस को शिकायत देकर करनाल के सहायक खाद्य एवं पूर्ति निरीक्षक जसवीर सिंह पर मारपीट करने का आरोप लगाया था। दो दिन पहले पुलिस अधीक्षक से मिलकर कई वरिष्ठ अधिकारियों पर भी व्यक्तिगत टिप्पणी की थी। बाहर निकलने के बाद मीडिया कर्मियों के पूछने पर डीएफएससी निशांत राठी समेत कई विभागीय अधिकारियों कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के भी आरोप मढ़ दिए थे।
इस मामले की रिपोर्ट डीएफएससी निशांत राठी ने निदेशालय को भी भेजी थी। जिसमें कहा गया कि पूर्ति निरीक्षक नवीन कुमार इससे पहले भी जहां जहां रहे हैं, वहां विवादित रहे हैं। डीएफएससी निशांत राठी ने बताया कि कई बार उनके खिलाफ अनुशासनहीनता के मामले भी सामने आए हैं। पूर्ति निरीक्षक नवीन कुमार द्वारा सार्वजनिक रूप से बिना किसी प्रमाण के उच्चाधिकारियों पर मनगढ़ंत आरोप लगाए जाने के मामले को अनुशासनहीनता मानते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें चंडीगढ़ विभागीय मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है।