माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। लोकसभा चुनाव के दौरान पोलिंग पार्टियों को सुबह आलू परांठा, दही और चाय, दोपहर में छोले, राजमा, कढ़ी चावल और रोटी व रात के भोजन में दाल व पनीर और सलाद खाने को मिलेगा। इसके अलावा मध्याह्न और शाम के समय में पकोड़ों के साथ चाय पीने को मिलेगी। इस तरह के बेहतरीन भोजन की व्यवस्था मिड डे मिल के तहत होगी।
लोकसभा चुनाव के दौरान इस बार पोलिंग पार्टियों का ड्यूटी के दौरान भोजन की व्यवस्था प्रशासन की ओर से की गई है। इसमें बूथ पर संबंधित स्कूल के मिड डे मील से ही भोजन तैयार किया जाएगा। हर बार पोलिंग पार्टियों का खाना राजनीतिक दलों की ओर से तैयार करवा कर भेजा जाता था। पर इस बार चुनाव आयोग के निर्देश पर प्रशासन ने अलग से व्यवस्था की है।
जिले में कुल 1151 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं, जहां पर 6366 अधिकारी और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। इन सभी के लिए भोजन पकाने की जिम्मेदारी कुल 1705 मिड डे मील वर्कर की रहेगी। मिड-डे मील वर्कर यूनियन की जिला सचिव संतोष ने बताया कि 24 और 25 मई रात तक के भोजन की व्यवस्था की गई है।
इस बार चुनाव में ड्यूटी पर लगे कर्मचारियों और अधिकारियों को गर्मागर्म और ताजा खाना मिलेगा। हर बार बाहर से आने के कारण ठंडा भोजन ही परोसा जाता था। अब स्कूल प्रांगण में बूथ के नजदीक ही बनेगा। मिड डे मील वर्कर यूनियन की जिला सचिव संतोष ने बताया कि बड़े स्कूलों में बने बूथ पर स्कूल प्रबंधन की ओर से भोजन के लिए राशन की व्यवस्था की जाएगी। जबकि छोटे स्कूलों में ग्राम पंचायत राशन उपलब्ध कराएगी। हर जगह पर भोजन पकाने की जिम्मेदारी मिड डे मील कर्मचारी की ही रहेगी।
उपायुक्त के निर्देश पर सभी खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से स्कूल प्रबंधकों को निर्देश दे दिए गए हैं। जिस स्कूल में बूथ बना है, वहां के मिड डे मील स्टाफ की ओर से ही खाना पकाया जाएगा। करीब सात हजार लोगों के खाने की व्यवस्था की जा रही है। अपनी सुविधा अनुसार ही मेनु बनाया गया है। - सुदेश ठुकराल, जिला शिक्षा अधिकारी।