संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। आर्य केंद्रीय सभा की ओर से महर्षि दयानंद सरस्वती का जन्मोत्सव एवं बोधोत्सव तथा आर्य समाज की स्थापना के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मनाए जा रहे उत्सव का समापन हो गया। आचार्य विष्णुमित्र वेदार्थी ने कहा कि हमें ऋषि दयानंद के दिखाए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है।
आचार्य वेदार्थी ने कहा कि महर्षि दयानंद ने ही शिव, मर्यादा पुरुषोत्तम राम और योगीराज कृष्ण के सच्चे स्वरूप के दर्शन करवाए। इस मौके पर संदीप गिल ने बहुत ही सुंदर भजन प्रस्तुत किए।
आचार्य विवेक चैतन्य ने कहा कि स्वामी दयानंद ने राष्ट्र और समाज के कल्याण के लिए अपने प्राणों की आहुति प्रदान करी। प्रधान आनंद सिंह आर्य ने कहा की केंद्रीय सभा का सदा यह प्रयास रहता है कि ऋषि दयानंद के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाया जाए। 31 कुंडली यज्ञ का समापन आचार्य विष्णुमित्र वेदार्थी के ब्रह्म तत्व और पुरोहित, शिवप्रसाद, निर्मल शास्त्री, धर्मप्रकाश और जयेंद्र शास्त्री के सहयोग से संपन्न हुआ। उपप्रधान वेदमित्र आर्य ने संचालन किया। एडवोकेट धर्मपाल आर्य, वीएन हांडा और रघुनाथ कुमार को आर्य श्रेष्ठी सम्मान से सम्मानित किया गया।