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Karnal News: निगम, स्वास्थ्य विभाग के बीच फंसा फॉगिंग का काम

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- नई 15 मशीनें खरीदने के बाद भी शहर में एक दिन नहीं हुई फॉगिंग
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- नगर निगम व स्वास्थ्य महकमा एक-दूसरे पर टाल रहे जिम्मेदारी, बढ़ रहे मच्छर
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। बारिश के बाद शहर में भले ही मलेरिया के मामले बढ़ रहे हों लेकिन शहर में फॉगिंग का कार्य नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के बीच फंसा है। नगर निगम के पास फॉगिंग कराने की छह मशीनें तो पहले से ही थी, लेकिन 15 मशीनें और खरीद ली गई हैं लेकिन ये मशीनें भी निगम कार्यालय में शोपीस बन गई हैं। निगम का कहना है कि उनके पास कोई मेडिकल एक्सपर्ट नहीं है, जिसके कारण स्वास्थ्य विभाग ही फॉगिंग का प्लान देता है।
वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कहते हैं कि यदि कहीं डेंगू का केस निकलता है तो उसके सौ मीटर के क्षेत्र में फॉगिंग कराई जाती है। महापौर रेणू बाला गुप्ता भी इससे पहले फॉगिंग शुरू नहीं कराने पर नाराजगी जता चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद नगर निगम ने फॉगिंग की कोई योजना नहीं बनाई है।
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करीब पांच लाख से अधिक की आबादी वाले शहर करनाल में नगर निगम सफाई के लिए कई तरह के अभियान चला रहा है, लेकिन पिछले दिनों अप्रैल और मई में हुई बारिश के बाद मच्छरों की भरमार रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए हैं। मशीनी तौर पर जिले में सर्वाधिक इंतजाम नगर निगम के पास ही है। मुख्य सफाई निरीक्षक सुरेंद्र चोपड़ा ने बताया कि फॉगिंग करने की छह मशीनें तो पहले से थी लेकिन 15 और नई मशीनें भी निगम ने खरीदी हैं। जो निगम को उपलब्ध भी हो गई हैं लेकिन निगम ने भीषण गर्मी में मच्छरों से शहरवासियों को निजात दिलाने की कोई योजना नहीं बनाई है। जिससे लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इसकी जिम्मेदारी निगम व स्वास्थ्य विभाग एक-दूसरे पर डाल रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वह तभी फॉगिंग कराते हैं, जब कोई डेंगू का केस पॉजिटिव पाया जाता है। वह उसके घर से 100 मीटर के दायरे में कराते हैं। कुल मिलाकर यदि इसी व्यवस्था के तहत फॉगिंग होनी है तो पहले संबंधित क्षेत्र में डेगूं का केस निकलना आवश्यक है। बिना डेगूं का केस निकले फॉगिंग नहीं कराई जा सकेगी। नगर निगम में मेडिकल ऑफिसर की पोस्ट तो है लेकिन ये पोस्ट वर्षों से खाली है।
वर्जन
उप निगमायुक्त अरुण भार्गव ने बताया कि मच्छर किस समय ज्यादा होते हैं, उनका प्रजनन किन दिनों में होता है, इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ही सही दे सकेंगे। फॉगिंग करने की दवाई भी स्वास्थ्य विभाग ही देता है। फिर भी इस मामले में जानकारी करेंगे, कैसे क्या किया जा सकता है।
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वर्जन
नगर निगम के मुख्य सफाई निरीक्षक सुरेंद्र चोपड़ा ने बताया कि अभी तो मच्छर इतने नहीं हैं, बारिश के दिनों में जुलाई में फॉगिंग कराई जाती है। फॉगिंग की प्लानिंग तैयार करने और दवाई उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग को शीघ्र पत्र लिखा जाएगा।

मत्गग नगर निगम के पास
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