घरौंडा खेतों में खड़ी गेहूं की फसल। संवाद
घरौंडा। कोहरा व बढ़ रही ठंड गेहूं की फसल के लिए काफी लाभदायक है। किसानों और कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दी गेहूं की फसल के लिए बेहद फायदेमंद होती है क्योंकि सही तापमान 10 से 15 डिग्री सेल्सियस में पौधे मजबूत बनते हैं, फुटाव अच्छा होता है और इससे फिर पैदावार बढ़ती है। ठंड से नमी मिलती है, जो जड़ों के विकास में मदद करती है और मिट्टी का कटाव रोकती है, लेकिन पाले से बचाने के लिए हल्की सिंचाई जरूरी है।
कृषि विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र सिंह ने कहा कि फिलहाल ठंड से सरसों और टमाटर की फसल को कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने बताया कि अगर तापमान ज्यादा कम होगा, तभी इन फसलों पर प्रभाव पड़ेगा। किसानों का कहना है कि ठंड पड़ने से गेहूं के तने में फुटाव हो जाता है, जिससे फसल घनी व पैदावार अच्छी होती है। कई दिनों से पड़ रही ठंड व धुंध से आम लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है लेकिन जितनी ठंड होगी गेहूं की पैदावार को उतना ही लाभ होगा।
- हल्की बारिश से गेहूं के लिए लाभकारी
किसान अजय राणा ने बताया कि बढ़ती ठंड गेहूं के लिए अमृत का काम कर रही है। उनका कहना है कि अगर हल्की-सी बारिश भी हो जाए तो गेहूं की फसल बहुत ही लाभकारी साबित होगी और पैदावार अच्छी होगी।
- दानों के भराव के लिए ठंड जरूरी
हरिसिंहपुरा निवासी दीपक शर्मा ने बताया कि ठंड के कारण गेहूं के पौधे का तना रुककर फुटाव यानी नई शाखाएं निकलती है। इससे फसल घनी और अच्छी होती है। ठंड और कम धूप से दानों का भराव अच्छा होता है।
- सर्दी से मिलेगी फसल को स्थिरता
किसान विकास राणा ने बताया कि हल्की ठंड और सुबह की धुंध जड़ों को मजबूत करती है, जिससे फसल को स्थिरता मिलती है। ठंड बढ़ने से गेहूं की फसल पर लगने वाले कई कीटों और रोगों का प्रकोप कम हो जाता है।