- वैज्ञानिक, इंजीरियर, डॉक्टर और सीए बनना का सपना, अभिभावकों को माना रोल मॉडल
सफलता की कहानियां
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। सीबीएसई कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षा में विद्यार्थियों ने यूं ही मुकाम नहीं पाया। कोई देर रात तक पढ़कर सफल हुआ है तो किसी ने सेल्फ स्टडी के माध्यम से बिना कोचिंग सफलता पाई है। इनका केवल इसी परीक्षा को पास करने का लक्ष्य नहीं था। अपने भविष्य को संवारने के लिए भी ये होनहार साथ-साथ मेहनत कर रहे हैं। कर्ण नगरी के इन होनहारों का वैज्ञानिक, इंजीनियर, डॉक्टर और सीए बनने का सपना है। वे अपने अभिभावकों को रोल मॉडल मानते हैं। उन्हीं की प्रेरणा से अपने लक्ष्य तक आगे बढ़ने में जुटे हैं।
जतिन : 97.6 प्रतिशत (नॉन मेडिकल-12वीं)
अंक : कैमिस्ट्री और म्यूजिक में 99, गणित 98, बायोलॉजी 97, अंग्रेजी 95
लक्ष्य : डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल मधुबन के छात्र जतिन की रिसर्च में रुचि है। इसीलिए उन्होंने गणित और बायोलॉजी विषय पढ़ा। अब आईआईएसई बैंगलोर में दाखिला लेंगे।
योजना : पिछले पेपर हल किए और फार्मूले रिवाइज किए। एनसीईआरटी की किताबें पढ़ीं और रिविजन का शेड्यूल बनाकर तैयारी की।
आदित्य भारद्वाज : 96.2 (मेडिकल-12वी)
अंक : पेंटिंग 99, फिजिक्स और अंग्रेजी में 96, कैमिस्ट्री और बायोलॉजी में 95
लक्ष्य : भारतीय सेना की डॉक्टर मां नीलम शर्मा के बेटे का लक्ष्य भी एमबीबीएस करके डॉक्टर बनना है। ताकि मानवता की सेवा कर सके। पिता शोनक भारद्वाज बिजनेसमैन हैं।
योजना : रोज एक लक्ष्य निर्धारित करके पढ़ाई की। लक्ष्य पूरा करने के बाद ही ब्रेक लिया। अभिभावक बच्चों पर ज्यादा बोझ न डालें, प्रेरित करके पढ़ाई करने में मदद करें।
तान्या अग्घी : 97.2 (कला-12वी)
अंक : पेंटिंग 99, अंग्रेजी में 97, मनोविज्ञान में 96, पॉलीटिकल साइंस और फिजिकल एजूकेशन में 95
लक्ष्य : बैंगलोर से बीएसई मनोविज्ञान ऑनर्स करना है। ताकि इंजाइटी और डिप्रेशन के बढ़ते मामलों को कम करने में मददगार बन सके।
योजना : प्रेमनगर निवासी शिक्षिका मां रीटा ने अंग्रेजी की। अन्य विषयों की सेल्फ स्टडी भी की और टॉपिक के अनुसार पढ़े।
खुशी अग्रवाल : 97.40 (कॉमर्स-12वी)
अंक : बिजनेस स्टडीज 100, एकाउंट्स 99, अंग्रेजी 97, गणित 95, फिजिकल एजूकेशन 96
लक्ष्य : शिक्षिका दीपिका अग्रवाल और प्रोफेसर अमरीश अग्रवाल की बेटी सीए फाउंडेशन की तैयारी कर रही हैं। सीए बनने का लक्ष्य है। फिलहाल बीकॉम में भी दाखिला लेंगे।
योजना : रेगुलर पढ़ना ज्यादा जरूरी है। ज्यादा देर पढ़ना मायने नहीं रखता। विद्यार्थी टॉपिक क्लीयर करते हुए ही तैयारी करें तो सफलता जरूर मिलती है।
आयुष गुप्ता : 98.6 (10वीं)
अंक : आईटी 100, गणित 99, हिंदी, साइंस और एसएसटी 98
लक्ष्य : बिजनेसमैन पिता दिनेश के बेटे का इंजीनियरिंग करने का लक्ष्य है। इसके लिए अभी से तैयारी शुरू करते हुए फिजिक्स की कोचिंग ले रहे हैं।
योजना : सत्र के पहले दिन से पढ़ाई की। रेगुलर सिलेबस कवर किया। स्कूल में कई टेस्ट दिए।