- घरौंडा में एमडीआर टीबी के चार, निसिंग में तीन और नीलोखेड़ी में शून्य
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिले के घरौंडा, निसिंग व नीलोखेड़ी कस्बों में स्वास्थ्य विभाग ने मेदांता की टीम के साथ टीबी का सर्वे किया। सर्वे में विभाग की 171 टीमों ने तीनों कस्बों में 24 गांवों के 36 हजार 752 घरों को शामिल किया और 999 संदिग्ध मरीजों की तलाश कर उनका सीबी नॉट टेस्ट कराया। जिनमें 114 मरीज पॉजिटिव मिले। इनमें से 107 सामान्य टीबी और सात मरीज एमडीआर (मल्टी ड्रग रजिस्टेंस) टीबी के मिले हैं। जिनका स्वास्थ्य विभाग ने इलाज शुरू करवा दिया है।
सिविल अस्पताल के टीबी विंग से डॉ. प्रदीप सिंह ने बताया कि जिले में पहले सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों से मरीज आते थे, लेकिन अब प्राइवेट अस्पतालों में काफी कम मरीज जा रहे हैं। वे बेहतर सुविधा को देखते हुए सीधे सिविल अस्पताल में पहुंच रहे हैं। तीन कस्बों में मात्र 114 मरीज मिलना दर्शाता है कि जिले में टीबी के मरीजों में गिरावट आई है। इसका मुख्य कारण स्वास्थ्य विभाग हर घर तक पहुंच रहा है। जिसमें मरीजों को टीबी के प्रति जागरूक कर रहा है। लोग स्वयं अस्पताल पहुंचकर अपना इलाज करवा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इन 114 मरीजों में से अधिकतर में नाममात्र स्तर की टीबी है। वहीं, घरौंडा में एमडीआर टीबी के चार, निसिंग में तीन और नीलोखेड़ी में शून्य पॉजिटिव केस मिले हैं।
जिले में फिलहाल 2218 मरीजों का इलाज किया जा रहा है। यह सर्वे अन्य कस्बों में पूरा हो चुका है। जिनकी रिपोर्ट जल्द विभाग को सौंपी जाएगी।
ये हैं टीबी के लक्षण
दो सप्ताह से ज्यादा खांसी, शाम के समय बुखार आना, खांसते समय बलगम में खून आना, छाती में दर्द या सांस फूलना, गर्दन या बगल में गांठें, भूख न लगना और वजन कम होना टीबी के लक्षणों में शामिल हैं।
कस्बा अनुसार मिले टीबी के मरीजों पर एक नजर
कस्बा गांव टीम कुल घर संदिग्ध पॉजिटिव
घरौंडा 10 83 17,349 409 56
निसिंग 10 61 13,794 461 49
नीलोखेड़ी 04 27 5609 129 09
कुल 24 171 36,752 999 114
चार सालों में टीबी के मरीज व मौतें
वर्ष मरीज मौत
2019 3854 153
2020 4312 154
2021 4274 184
2022 4507 164
2023 2218 00
कुल 19165 655
(यह डाटा स्वास्थ्य विभाग की टीबी विंग से लिया गया है)
जिले में टीबी के मामलों में कमी आई है। लोग जागरूक हो रहे हैं और स्वयं सिविल अस्पताल आकर अपना चेकअप करा इलाज शुरू करवा रहे हैं। सर्वे के दौरान कुल 114 मरीज मिले हैं। इनमें से 107 सामान्य टीबी और मात्र सात मरीज एमडीआर टीबी के मिले हैं।
डॉ. सिम्मी कपूर, टीबी, नोडल अधिकारी एवं डिप्टी सिविल सर्जन, करनाल