करनाल। राजकीय महिला महाविद्यालय में शनिवार को बांसुरी वादन विद्या पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्राचार्य डाॅ. विवेक रंगा ने कहा कि बांसुरी एक वाद्य यंत्र नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा है। प्रसिद्ध बांसुरी वादक पंडित चेतन जोशी हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत परंपरा के एक प्रमुख बांसुरी वादक हैं। उन्होंने एक ही बांसुरी में साढ़े तीन सप्तक बजाने की पद्धति विकसित की है। विद्यार्थियों को बांसुरी कला की बारीकियों से अवगत करवाया गया। कपिल अत्रेजा, डाॅ. आशिमा, कृष्ण अरोड़ा, डाॅ. रंजना शर्मा और डाॅ. अनामिका सहित अन्य लोग मौजूद रहे। संवाद