संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिले में कफ सिरप की गुणवत्ता और उपलब्धता की जांच वीरवार को स्थानीय के साथ-साथ बाहर से आई टीमों ने भी की। छह फैक्टरियों में जांच की गई, जिनमें मैडोक्स फार्मा को छोड़कर बाकी पांच फैक्ट्रियों में महीनों से स्टॉक नहीं था। जिला औषधि निरीक्षकों ने इन फैक्ट्रियों में स्टॉक की उपलब्धता, उत्पादन की स्थिति, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड और सभी आवश्यक दस्तावेजों का निरीक्षण किया और रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय को भेज दी। एक फैक्टरी से तीन नमूने लिए गए हैं। जींद की टीम ने मेडॉक्स कंपनी से तीन कफ सिरप के नमूने लिए।
जिला औषधि अधिकारी विकास राठी ने बताया कि यदि किसी फैक्ट्री में कमी पाई जाती है तो मुख्यालय की तरफ से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच प्रक्रिया आगे भी लगातार जारी रहेगी और बाकी फैक्ट्रियों तथा मेडिकल स्टोर पर निगरानी रखी जाएगी। सभी फैक्ट्रियों में स्टॉक की उपलब्धता, उत्पादन की स्थिति और दस्तावेजों का निरीक्षण किया गया। मैडोक्स फार्मा में स्टॉक उपलब्ध था, जबकि अन्य पांच फैक्ट्रियों में स्टॉक नहीं पाया गया।
जांच की गई फैक्ट्रियां और डीसीओ
मैडोक्स फार्मा – डीसीओ गीता गोयल
विनटेक फॉर्मूलेशन – डीसीओ प्रशांत
आर एस मेडिचेंबर – डीसीओ विकास राठी
स्विस बायोटेक – डीसीओ रूबी
क्योर क्विक – डीसीओ अजय
उत्तम फार्मा – जिला औषधि अधिकारी
जिले में बिक रहे प्रमुख कफ सिरप
एस्कोरिल डी प्लस
टॉसेक्स डीएमआर
टसक्यू-डीएक्स
कोरेक्स डीएक्स
एस्कोरिल
एलेक्स
प्लसड्रिल सिरप
रेक्सकोफ-टी
कफमेट-एलएस
विकोरील डीएस
विकोरील
विकोरील एएफ
सोल्विन एएफ
सोल्विन डीएस
अस्थाकाइंड-डीएक्स
मैकबेरी-डीएक्स
कोल्डरिफ कफ सिरप बच्चों को देने पर रोक
सिविल सर्जन डॉ. पूनम चौधरी की अध्यक्षता में वीरवार को सभी प्राइवेट व सरकारी शिशु रोग चिकित्सकों की बैठक की गई। इसमें सरकार की ओर से कफ सिरप व आईएलआई/एसएआरआई केसों के बारे में जारी की गई एडवाइजरी की जानकारी दी। सिविल सर्जन ने बताया कि सरकार के आदेशानुसार कोल्डरिफ कफ सिरप को बच्चों के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया गया है। इसलिए खांसी के सिरप का विवेकशील और सीमित प्रयोग किया जाए। उन्होंने प्राइवेट व सरकारी डॉक्टरों को आईएलआई/एसएआरआई केसों की सूचना सिविल सर्जन कार्यालय में देने व उनको आईएचआईपी पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश दिए। हरियाणा सरकार की ओर से प्रतिबंधित कफ सिरपों की बिक्री जिले में नहीं पाई गई है। औषधि विभाग की ओर से किए गए निरीक्षण में यह स्पष्ट हुआ कि प्रदेश में रोक लगाई गई दवाइयों में से कोई भी सिरप फिलहाल जिले के मेडिकल स्टोर या फार्मा इकाइयों में बिक्री पर नहीं है।