संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मुकारबपुर गांव में डायरिया के पांच नए केस मिले हैं। अब गांव में डायरिया के कुल मरीजों की संख्या 70 तक पहुंच गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मंगलवार को लोगों के घरों से पीने के पानी के सैंपल लिए जो ओटी टेस्ट में पास मिले। आठ लोगों का उपचार अभी भी निजी अस्पतालों में चल रहा है।
गांव के हालात भले ही अब कुछ सामान्य हुए हैं, लेकिन लोग अभी भी जनस्वास्थ्य विभाग के नलकूप का पानी पीने से डर रहे हैं। दूसरे दिन भी स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में मौजूद रही। लोगों का उपचार कर दवाई व ओआरएस के पैकेट दिए गए।
स्वास्थ्य विभाग ने बैक्टीरिया का पता लगाने के लिए पानी के 16 सैंपल जिला नागरिक अस्पताल की लैब में भेजे थे। साथ ही 16 रक्त के सैंपल हेपेटाइटिस-ए और हेपेटाइटिस-ई की जांच के लिए अस्पताल में भेजे गए थे। परंतु दूसरे दिन भी इनकी रिपोर्ट लैब से नहीं आ सकी, जबकि गांव के लोगों की हालत खराब है। तीन से चार मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है।
ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की लेटलतीफी ग्रामीणों पर भारी पड़ सकती है। सुरक्षा की दृष्टि से जनस्वास्थ्य विभाग ने गांव में पेयजल की आपूर्ति को बंद कर रखी है। मंगलवार को विभाग ने गांव की पाइप लाइन को तीन जगह से बंद करके दूसरी तरफ से जोड़ा। बुधवार सुबह ट्यूबवेल चलाकर देखा जाएगा कि अब प्रभावित एरिया में गंदा पानी आएगा या नहीं। फिलहाल गांव में पीने का पानी टैंकर के जरिये दिया जा रहा है।
लोगाें में अभी भी डर का माहौल
जनस्वास्थ्य विभाग और स्वास्थ्य विभाग दोनों ही पेजयल को अब पीने लायक बता रहे हैं। पानी के सैंपल भी पास आए हैं। परंतु लोगों में अभी भी पानी को लेकर डर का माहौल है। इसलिए लोग पानी को पीने से कतरा रहे हैं। इसलिए लोग टैंकर का पानी ही पी रहे है।
गांव में डॉक्टरों की टीम मौजूद है। डायरिया के पांच नए केस मिले हैं। पानी के सैंपल भी जांच में पास आए हैं। आठ लोगों का उपचार अस्पतालों में चल रहा है। जब तक हालात पूरी तरह से सामान्य नहीं हो जाते गांव में डॉक्टर की टीम मौजूद रहेगी। बैक्टीरिया जांच के लिए जो सैंपल भेजे गए थे उसकी रिपोर्ट भी जल्द आ जाएगी। - डॉ. वागीश गुटैन, जिला निगरानी अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग।
पानी की पाइप लाइन में कैप लगाकर दूसरे गलियों से पानी की सप्लाई करके देखी जा रही है। बुधवार सुबह भी इसकी जांच की जाएगी। पानी में कोई दिक्कत नहीं है। - संजीव रोहिला, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग।
गांव मुबारकपुर में टेंकर से पानी भरते ग्रामीण। संवाद