करनाल। जिला न्यायिक परिसर में अधिवक्ताओं ने एलएडीसी (लीगल एड डिफेंस काउंसिल) पॉलिसी के विरोध में बुधवार से दो दिन की भूख हड़ताल शुरू कर दी है। पहले दिन पांच अधिवक्ता भूख हड़ताल पर बैठे। बुधवार को भी काम बंद रखा गया। पिछले दो दिनों से लगातार हड़ताल के कारण अदालत सुनसान रही। हड़ताल की जानकारी मिलने के बाद लोग अदालतों में सुनवाई के लिए नहीं पहुंच रहे हैं। पिछले कई दिनों से हड़ताल के बाद भी कोई सुनवाई न होने पर अधिवक्ताओं ने आंदोलन तेज करने का फैसला लिया है। वीरवार को आगामी रणनीति पर भी फैसला लिया जाएगा।
जिला बार एसोसिएशन के सचिव नवीन कुमार राणा ने बताया कि एलएडीसी पॉलिसी के विरोध में पिछले करीब एक महीने से हरियाणा और पंजाब के वकील इस पॉलिसी के खिलाफ हड़ताल पर हैं। इसके बावजूद भी सरकार नहीं मान रही है। अब यहां भी दो दिन की भूख हड़ताल करने का फैसला लिया गया है।उन्होंने बताया कि बुधवार को अदालत परिसर में बार एसोसिएशन के उपप्रधान अधिवक्ता नितिन भारद्वाज, चांदबीर मंढान, विनोद शर्मा, सुरेश चौधरी और शुभम राणा भूख हड़ताल पर बैठे। वीरवार को भी पांच अधिवक्ता भूख हड़ताल पर रहेंगे।
वकीलों की हड़ताल के कारण अदालतों में हर रोज आगामी तारीख दी जा रही है। जिलेभर की अदालतों में एक दिन में करीब 1500 से 1800 मुकदमों की सुनवाई होती है। वकीलों के हड़ताल पर रहने से अदालतों का काम लगातार प्रभावित हो रहा है।
लीगल सिस्टम के लिए खतरा है एलएडीसी पॉलिसी
अधिवक्ता कुलदीप राणा, दीपक ग्रोवर, अशोक टांक, नरेंद्र सहित अन्य का कहना है कि यह पॉलिसी पूरे लीगल सिस्टम के लिए घातक साबित हो सकती है और भविष्य में इसके परिणाम खतरनाक हो सकते हैं। इससे नए वकीलों और डिफेंस काउंसिल के लिए अवसर कम हो रहे हैं और अयोग्य लोगों के हाथों में वकालत जैसे पेशे की कमान देने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्रोसिक्यूशन, पुलिस और डिफेंस तीनों पर नियंत्रण रखने की मंशा है यह न्याय व्यवस्था के लिए खतरा है।