गाय हो या भैंस, पशुओं की गर्भाधान की स्थिति का पशुपालक सिर्फ पांच मिनट में पता लगा सकेंगे। राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) के एनीमल बायोटेक्नोलॉजी डिवीजन ने ऐसी रैपिड प्रेग्नेंसी टेस्ट किट तैयार कर ली है। जो भारत की पहली और अमेरिका व चीन के बाद दुनिया की तीसरी किट है, जिसे वैज्ञानिकों ने राष्ट्रीय डेयरी मेले में प्रदर्शित किया है।
अब तक तैयार इस किट से कृत्रिम या प्राकृतिक गर्भाधान प्रक्रिया के 30 दिनों के बाद तक की तकनीक से पशु की पूंछ, गला या कान की नस के दो बूंद रक्त से पशु गाभिन है या नहीं ये पता चल जाता है, लेकिन अभी संस्थान इस प्रक्रिया को और सरल बनाने पर शोध कर रहा है।
शोध पूरा होने के बाद इस किट से पशु के दूध, मूत्र, लार से भी गाभिन होने की सटीक जानकारी मिनटों में मिल सकेगी। एनडीआरआई के निदेशक डॉ. धीर सिंह के निर्देशन में यूं तो पशुओं की नस्लों और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने को लेकर कई महत्वपूर्ण अनुसंधान आगे बढ़ रहे हैं लेकिन इनमें गाय और भैंस के गर्भाधान की स्थिति की पहचान के लिए ये खास अनुसंधान है, जो सीधे आमजन को लाभ पहुंचाएगा।