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Karnal News: सामने पहले आइना रखना, फिर किसी और से गिला रखना...

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जिमखाना क्लब में रविवार को सजी साहित्यकारों की महफिल
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिमखाना क्लब में रविवार को कवियों की महफिल सजी। डॉ. कमर रईस ने कहा ‘सामने पहले आइना रखना, फिर किसी और से गिला रखना...। कवयित्री अंजू शर्मा ने कहा ‘धर्म पूछकर मारते, गोली खाई सीने पर नहीं बदला धर्म...। कवि भारत भूषण वर्मा ने कहा, सिंधु और सिंदूर का बना अजब संयोग। सिंदूर ने मिटा दिया, शैतानी का रोग...।
कवि डॉ. एसके शर्मा ने कहा ‘वे दृश्य नजर उनसे टकरा गई, जिंदगी में अचानक बहार आ गई। दिल में दिल वो पहली सी थरकन नहीं अब मुहब्बत में शायद कमी आ गई...। कवि दलीप खरेरा ने कहा ‘दोस्तों की दरियादिली पर हम फिदा हो गए...। कवि डॉ. कमर रईस ने कहा ‘सामने पहले आइना रखना, फिर किसी और से गिला रखना...।
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कवि गुरमुख सिंह वडै़च ने कहा ‘हम क्या बनने आए थे और क्या बन बैठे...। कवि आशीष ताज ने कहा ‘ए वतन तेरी मिट्टी पे कुर्बान हूं...। महफिल के आगाज से पहले सभी ने राष्ट्रीय गान गाकर देश में आपसी भाईचारा कायम होने तथा सुख-समृद्धि की कामना व देश के लिए शहीद हुए नौजवानों को श्रृद्धांजलि दी। महफिल की अध्यक्षता दिल्ली से आए वरिष्ठ कवि जितेन्द्र वशिष्ठ, मुख्य अतिथि अंग्रेज व विशिष्ट अतिथि अनिल खरब, डॉ. कमर रईस रहे।
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कवि जय भारद्वाज ने कहा ‘झूठ न बोला गया इस बात से डरता रहा...। कवि मनोज मधुरभाषी ने कहा ‘गैरों का दुखड़ा सुनाने का क्या फायदा...। कवि अशोक मलंग ने कहा ‘है आग भरी दिल में, तूफान है सांसों में...। कवयित्री गुरविंद्र कौर ने कहा ‘देखो वीर जवानों अपने खून पे कोई दाग न आए...। कवि नरेश लाभ ने कहा जीवन संयाम है बनिए सब बलवान...। कवि प्रवीण जन्नत ने कहा ‘मेरी राहों में रोड़े से पहाड़ कर...। कवि अनिल चोपड़ा ने कहा ‘ये कहते हुए मेरे दुश्मन मुझे हँसते हुए छोड़ के चले...। मौके पर कवि राजेंद्र शर्मा, प्रेम पाल सागर, राजपाल, दिलबाग सिंह, कृष्ण निर्माण, पूर्ण चंद शर्मा, इंदु शर्मा, तमन्ना, कवियों ने शिरकत की व अपनी अपनी-अपनी कविताएं सुनाई।
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