टोल प्लाजा पर शनिवार-रविवार मध्यरात्रि से अनिवार्य हुई फास्टैग व्यवस्था का पहला दिन परेशानियों भरा रहा। बसताड़ा टोल प्लाजा पर अप एंड डाउन की कुल 24 में से 8 लेन ही कैश टोल के लिए छोड़ी गईं। जहां रात 12 बजे से ही वाहनों की कतार लग गई। ऐसे में रविवार रात तक लंबी लाइनों में लगे वाहन चालकों को टोल क्रॉस करने में आधे से पौने घंटे तक का समय लगा। ऐसे में कई बार टोल कर्मियों और वाहन चालकों के बीच नोकझोंक भी हुई। नई व्यवस्था लागू करने में सरकार की ओर से 15 दिन के दिए गये अतिरिक्त समय के बावजूद भी महज 40 प्रतिशत वाहनों पर फास्टैग लगे। ऐसे में कोई विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिये ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस भी टोल प्लाजा पर तैनात की गई। लोगों की परेशानी को देखते हुए पहले दिन फस्टैग लेन से गुजरने वाले किसी भी वाहन चालक से डबल चार्ज नहीं लिया गया। साथ ही लोगों की परेशानी और मांग को देखते हुए सरकार की ओर 30 दिन का अतिरिक्त समय बढ़ा दिया गया है।
किसी की लेन बदलवाई तो किसी को प्यार से समझाया
फास्टैग अनिवार्य होने से स्थिति को संभालने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात किए गए, जिसमें बीडीपीओ प्रेम सिंह और मधुबन थाना प्रभारी तरसेम चंद पुलिस कर्मचारियों के साथ तैनात रहे। टोल कंपनी के अधिकारी और कर्मचारी वाहन चालकों को समझाते हुए नजर आए। जो वाहन बिना फास्टैग था, उसको कैश लेन में लगवाया गया।
क्या कहते हैं वाहन चालक
दिल्ली निवासी वाहन चालक भीम सिंह ने बताया कि नेशनल हाइवे के टोल पर मात्र चार ही कैश लेन बनाई गई है। अभी फास्टैग वाहनों की संख्या कम है, इसलिए कंपनी को चाहिए कि वे कैश लेन की संख्या को बढ़ाएं।
वाहन चालक मनीष दलाल ने बताया कि अचानक से ही फास्टैग व्यवस्था लागू कर दी गई है। लोगों को समझ में ही नहीं आ रहा है कि आखिर टोल कंपनियां करना क्या चाह रहीं हैं।
ऑटो चालक नीरज कुमार ने बताया कि टोल पर फास्टैग लगा है। कैश लेन मात्र चार बनाई गई है लेकिन वाहनों की संख्या बहुत ही ज्यादा है। ऐसे में जाम की स्थिति पैदा होना लाजमी है। बहुत से वाहन चालकों ने अभी तक फास्टैग नहीं बनवाए हैं सरकार को चाहिए कि इसकी डेट बढ़ाई जाए।
बाइक चालक राजेश कुमार ने बताया कि बाइकों के निकलने के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं है। फास्टैग की लाइनें पूरी तरह से खाली पड़ी हुई है। लेकिन चार लाइनों में ही सबसे ज्यादा भीड़ है। बाइक चालक साइडों में लगे हुए है जिससे खेत की तरफ बाइकों के गिरने की आशंका बनी हुई है।
मात्र 40 फीसदी वाहनों के ही फास्टैग बने हैं। फास्टैग वाले वाहनों के लिए 16 लेन बनाई गई है, जबकि कैश वाले वाहनों के लिए आठ लेन है। वाहन चालकों को टोल पर जाम की स्थिति से बचाने के लिए ही फास्टैग व्यवस्था लागू की गई है। वाहन चालकों को चाहिए कि वे अपने फास्टैग बनवा लें।
-मनीष कुमार, मैनेजर, बसताड़ा टोल प्लाजा।