माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। चार चमन बाजार स्थित नागपाल मोबाइल शोरूम के बाहर फायरिंग कर एक करोड़ की रंगदारी मांगने वाले हिसार के बालसमंद गांव निवासी राहुल और आर्यन को गैंगस्टर भानु राणा ने पिस्तौल देने का सपना दिखाया और फायरिंग करने के लिए दोनों को 20-20 हजार रुपये देने का लालच दिया था।
पूछताछ में सामने आया कि उन्हें न तो हथियार मिले और न रुपये। बल्कि अपनी जेब से 800 रुपये खर्च किए, साथ में पुलिस की गोली खानी पड़ी। अब जेल की सजा काटनी होगी। सोमवार को पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पूछताछ में पता चला है कि राहुल और आर्यन का कुछ दिनों पहले ही भानु राणा से संपर्क हुआ।
दोनों को हथियार रखने का शौक था। इसका फायदा उठा उनके ही गांव के विदेश में रहने वाले गैंगस्टर भानु राणा के गुर्गे ने उनकी बात कराई। जिसके बाद भानु ने उनको पिस्तौल दिलाने और रुपये कमाने का सपना दिखाया। इसके लिए भानु ने दोनों को फायरिंग कर रंगदारी मांगने का काम करवाया।
इसके लिए उनको चोरी की बाइक और हथियार उपलब्ध कराए गए। दोनों ने बदमाश बनने के शौक में करनाल आकर फायरिंग कर दी। इसके लिए जिला पुलिस की एसटीएफ और सीआईए वन की टीम को काफी मेहनत करनी पड़ी। वारदात स्थल से लेकर गिरफ्त में आने तक का पूरा रूट मैप सड़कों पर लगे सीसीटीवी से खंगाला गया। तब जाकर आरोपियों को दबोचा गया।
दो जून की रात शहर के चार चमन चौक पर स्थित नागपाल मोबाइल शोरूम पर हिसार के बालसमंद गांव निवासी आरोपी राहुल उर्फ गब्बू व आर्यन बाइक पर सवार होकर आए। दोनों के पास पिस्तौल थी। एक ने बाइक पर बैठे-बैठे दो फायर किए और तीसरी गोली चलाने की कोशिश की लेकिन वह जाम हो गई। दूसरा युवक दुकान के अंदर गया और वहां धमकी भरी पर्ची फेंक दी, जिसमें एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी।
वारदात के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने दो खोल भी बरामद किए। इसके बाद आरोपी राहुल व आर्यन को पुलिस ने हिसार के धीरणवास के पास मुठभेड़ में दबोच लिया था।
दोनों के पैर में गोली लगी। मंगलवार को करनाल पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार किया और अदालत में पेश कर छह दिन के रिमांड पर लिया।