करनाल की पहली इंडस्ट्री को पीएनजी से शुरू करने के मौके पर बोलते प्रदूषण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिका?
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प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से एनजीटी के आदेशों के क्रम में हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने करनाल की बॉयलर व भट्ठियों का प्रयोग करने वाली करीब 250 इंडस्ट्रीज को डीजल, कोयला व लकड़ी की जगह पीएनजी इस्तेमाल करने की कवायद तेज कर दी है। बुधवार को जिले की पहली इंडस्ट्री को पीएनजी से संचालित किया गया। जिसकी शुरुआत महापौर रेणू बाला गुप्ता ने की।
जिले में करीब 250 इंडस्ट्रीज ऐसी हैं, जिनमें हीटिंग के लिए बॉयलर या भट्ठियों का प्रयोग किया जाता है। जिन्हें जलाने के लिए रोज करीब 80 लाख से एक करोड़ रुपये का कोयला, डीजल व लकड़ी प्रयोग की जाती है। इससे हर माह जहां करीब 30 करोड़ रुपये सिर्फ बॉयलर व भट्ठियों को जलाने में खर्च होते हैं वहीं इनसे निकलने वाला धुआं वातावरण को प्रदूषित करता है। जिसका असर एक्यूआई पर पड़ता है। सेक्टर-3 स्थित इंडस्ट्रियल एरिया में सोमनाथ सचदेवा व दीपक सचदेवा की एग्रीकल्चर इंप्लीमेंट्स की मॉडर्न इंडस्ट्रीज को बुधवार को शुरू किया गया। यह पीएनजी से संचालित होने वाली जिले की पहली इंडस्ट्री बन गई। मौके पर करनाल एचएसआईआईडीसी वेलफेयर एसोसिएशन प्रधान मनोज अरोड़ा, करनाल एग्रीकल्चरल इंफ्रास्ट्रक्चर मैन्युफैक्चर एसोसिएशन के महासचिव भावुक मेहता, इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड के प्रभात जैन सहित कई उद्यमी मौजूद रहे।
हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी शैलेंद्र अरोड़ा ने कहा कि करीब दस से अधिक इंडस्ट्रीज का अनुबंध हो चुका है, शेष 250 इंडस्ट्रीज को गैस पर आधारित किया जाएगा। क्योंकि पीएनजी से संचालित इंडस्ट्रीज से निकलने वाला प्रदूषण शून्य हो जाएगा। साथ ही रेट भले ही समान लगे लेकिन कई अन्य समस्याओं से भी बचा जा सकेगा। जैसे डीजल रखने को टैंक बनाने, कोयला लाने, रखने आदि में लगने वाला समय बचेगा। मनोज अरोड़ा ने कहा कि पीएनजी के प्रयोग से बॉयलर की समान फ्लेम मिलने से माल बेहतर बन सकेगा।