आईजी कार्यालय में आयोजित करनाल रेंज के सभी थानों के ऑपरेटरों की बैठक में शामिल ऑपरेटर। प्रवक्ता
करनाल। गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी अब आमजन के लिए पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गई है। करनाल रेंज पुलिस ने सीईआईआर (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) प्रणाली के तहत नई व्यवस्था लागू की है। अब लोग सीधे अपने नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराकर मोबाइल को ब्लॉक और ट्रेस करवा सकेंगे।
इस पहल को मजबूत करने के लिए आईजी कार्यालय करनाल रेंज में सभी थानों के ऑपरेटरों की बुधवार को बैठक आयोजित की गई। इसमें पोर्टल के जरिये मोबाइल ब्लॉक करने, ट्रैकिंग और अन्य प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायत मिलने पर नागरिकों को भटकाया न जाए और तुरंत पोर्टल के माध्यम से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में बताया गया कि मोबाइल चोरी या गुम होने के मामलों में शुरुआती समय बेहद अहम होता है। यदि तुरंत आईएमईआई नंबर के आधार पर फोन को ब्लॉक कर दिया जाए, तो उसके दुरुपयोग को रोका जा सकता है और ट्रेसिंग की संभावना भी बढ़ जाती है। यही वजह है कि अब थाना स्तर पर ही इस प्रक्रिया को लागू किया गया है।
करनाल रेंज में करनाल, पानीपत और कैथल जिले शामिल हैं। अकेले करनाल जिले में 18 पुलिस थाने हैं, जहां इस सुविधा को लागू किया जा चुका है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे अपने मोबाइल का आईएमईआई नंबर सुरक्षित रखें और फोन गुम या चोरी होने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही एक वैकल्पिक मोबाइल नंबर भी दर्ज करवाएं, ताकि बरामदगी होने पर संपर्क किया जा सके।
करनाल रेंज तकनीक आधारित पुलिसिंग को तेजी से अपनाने वाली पहली रेंजों में शामिल है। कर्मचारियों को एआई कोर्स से भी प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग हो सके। सीईआईआर के माध्यम से मोबाइल ट्रेसिंग और ब्लॉकिंग की प्रक्रिया को सरल बनाकर आमजन को त्वरित राहत देना हमारा उद्देश्य है। - अशोक कुमार, आईजी, करनाल रेंज