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नहाय खाय के बाद महापर्व छठ का आगाज

Sat, 05 Nov 2016 12:37 AM IST
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला
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लोक आस्था के महापर्व छठ का हिंदू धर्म में अपना अलग महत्व है। यह एकमात्र ऐसा पर्व है जिसमें ना केवल उदयांचल सूर्य की पूजा की जाती है। बल्कि अस्ताचलगामी सूर्य को भी अर्घ्य देकर पूजा की जाती है। महापर्व के दौरान व्रती भगवान सूर्य देव को जल अर्पित कर आराधना करते हैं। बिहार में इस पर्व का खास महत्व है। लेकिन अब हरियाणा के सभी जिलों में भी इस त्योहार को श्रद्धापूर्वक मनाया जाता है। छठ पर्व सेवा समिति मंडल के संरक्षक अर्जुन पंडित ने बताया कि शुक्रवार को छठ महापर्व की औपचारिक शुरुआत नहाय खाय के साथ शुरू हो चुकी है। नहाय खाय के बाद व्रत रखने वाली सभी महिलाएं अब खरना की तैयारी में जुट चुकी हैं। शुक्रवार के दिन छठ व्रतियों की ओर से श्रद्धाभाव से नहाय खाय मनाया गया। इस दिन व्रत रखने वाली महिलाएं स्नान के दौरान अपना सिर धोती है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन नदी या तालाब में नहाना चाहिए। लेकिन यदि ऐसा संभव नहीं है तो छठी मईया का ध्यान करते हुए साधारण पानी से ही स्नान किया जा सकता है। शहर के अधिकतर लोगों ने पश्चिमी यमुना नहर में स्नान किया और नहाय खाय को संपूर्ण किया।
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शाम को खाया घीया और चने की दाल के साथ कच्चा चावल
छठ महापर्व के प्रथम दिन घीया और दाल के साथ कच्चे चावल का भोजन छठ की औपचारिक शुरुआत नहाय खाय के साथ की गई। शुक्रवार को नहाय खाय के दिन स्नान के बाद पूजा की गई। पूजा के बाद सेंधा नमक से बने सात्विक आहार को व्रतियों ने ग्रहण किया। नहाय खाय के दिन खाने में लहसुन और प्याज का प्रयोग नहीं किया जाता। निर्जला व्रत नहाय खाय के बाद अब व्रतियों की ओर से शनिवार को खरना का आयोजन किया जाएगा। खरना के दिन व्रती पूरे दिन व्रत रखते हैं। व्रत का समापन रात के समय पूजा के बाद होता है। इस पूजा के दौरान छठी मईया को पूड़ी, मीठी खीर, केला आदि का भोग लगाया जाता है। इस व्रत के दौरान शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जाता है।

पूजा के लिए खरीददारी करती रही महिलाएं
खरना और छठ पूजा के लिए महिला बाजार में खरीददारी करती नजर आई। पुरानी अनाज मंडी में महिलाएं का दुकानों पर तांता लगा रहा। महिलाओं ने दुकानों से छाज, टोकरी के साथ-साथ चुनरी, दागे सहित अन्य सामान भी खरीदा। महिलाओं ने प्रसाद के रूप में नारियल, अनारस, सीताफल, चठैला, बड़ा नींबू, हल्दी, अदरक, सुतनी, पान के पते, सुपारी, मूली, गन्ने और सिंघाडा आदि की खरीददारी की।
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घाटों को सजाया, 300 वालंटियर संभालेंगे सुरक्षा का जिम्मा
छठ महा पर्व के उपलक्ष्य में पश्चिमी यमुना के कैथल रोड और काछवा रोड स्थित दोनों घाटों को लड़ियों से सजाया गया है। नहर के दोनों पुलों पर स्वागत द्वार लगाए गए है। ताकि शहरवासियों को छठ का नजारा आकर्षक लग सके। पश्चिमी यमुना नहर पर लगभग चार किलोमीटर के एरिया में लोग सूर्य देवता की उपासना करेंगे। छठपर्व सेवा समिति मंडल के संरक्षक अर्जुन पंडित ने बताया कि पर्व पर सुरक्षा की दृष्टि से 300 वालंटियर तैनात किए गए है। इसके साथ ही भारी पुलिस बल भी तैनात रहेगा।
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