माई सिटी रिपोर्टर
करनाल।
कष्ट निवारण समिति की बैठक में सेक्टर-7 निवासी राजेश कुमार ने बताया कि उनसे भूमि हस्तांतरण के नाम पर एक नहीं बल्कि सात बार 12-12 हजार रुपये की फीस जमा करवा ली और उसके बाद भी कर्मचारी फाइल को रद्द करते रहे। एचएसवीपी से जवाब मांगा गया तो कहा गया कि जिन तीन कर्मचारियों की वजह से आवेदक को फीस जमा करवानी पड़ी थी उनसे रिकवरी की जाएगी। कर्मचारियों से 12-12 हजार रुपये एचएसवीपी के खाते में जमा कराने के लिए कहा गया है। पैसे जमा नहीं कराए तो उनकी तनख्वाह या पेंशन खाते से काटे जाएंगे। अधिकारियों ने दस दिन का समय मांगा। मंत्री रणबीर गंगवा ने कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने और चार्जशीट के लिए भी कहा।
ये भी रहे मामले:
- बीमा राशि के क्लेम के लिए भटक रहीं मूनक गांव की रेखा को इंश्योरेंस कंपनी ने दो लाख रुपये दिए।
- सांतड़ी निवासी रमेश चंद की शिकायत पर बिजली निगम 11 केवी की तारें हटा दी और उनका कनेक्शन भी चालू कर दिया।
- गांव डबरी निवासी कुलदीप सिंह की पुल पर घटिया सामग्री लगाने की शिकायत पर जांच अधिकारी कार्यकारी अभियंता ने बताया कि इसे ठीक करवा दिया गया है।
- खिजराबाद में हड्डी रोड़े से लेकर सिंदर सिंह के डेरे तक का रास्ता दो फुट चौड़ा करने और घटिया ईंट लगाने के मामले में अधिकारी ने बताया कि इसे दुरुस्त करवा दिया है।
- मॉडल टाउन निवासी कबीर सिंह सचदेवा की गली नंबर चार आरके पुरम में कमल पब्लिक स्कूल के नाम से दो अवैध स्कूलों की शिकायत पर खंड शिक्षा अधिकारी के जवाबों से मंत्री और डीसी संतुष्ट नहीं हुए और उन्हें मामले की गहनता से जांच कर भविष्य में पूरी तैयारी के साथ आने के निर्देश दिए।