करनाल/असंध। फाइनेंसरों के ब्याज और प्रताड़ना से तंग आकर असंध के पेंटर शिवकुमार (32) ने बिहार जाकर विषाक्त पदार्थ खा लिया। उसकी मौत हो गई। मौत के तीन दिन बाद शव लेकर असंध पहुंचे परिजन ने मंगलवार को अंतिम संस्कार किया। फाइनेंसरों के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी। असंध थाना पुलिस ने शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है।
आरोप है कि एक लाख रुपये के कर्ज पर काफी ब्याज के रुपये लेने के बाद भी फाइनेंसरों ने उसकी घर के बाहर खड़ी कार को उठा लिया था। तंग आकर वह 11 महीने पहले अपने ही घर से भाग गया था और बिहार में किराये के मकान पर रह रहा था, जहां उसने आत्महत्या का कदम उठाया।
असंध के वार्ड-1 निवासी मृतक की मां रोशनी देवी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि शिव और संदीप 11 महीने से अपने घर से बाहर रह रहे थे। गांव बल्ला के फाइनेंसर रवि मान, सोमबीर मान और साहिल से दोनों ने अलग-अलग ऋण लिया हुआ है। एक लाख रुपये का ऋण शिव ने अपना पेंटर का काम और बढ़ाने के लिए लिया था, लेकिन उसका काम नहीं चला। आरोपी सोमबीर और रवि मान ने उन पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। घर आकर शिव कुमार की पुरानी कार भी उठाकर ले गए। आरोप है कि फाइनेंसर उसे मारने की धमकी देते थे, इसी डर के कारण उसने यह कदम उठाया है। उन्होंने ऋण की बकाया राशि देने में असमर्थता जताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। असंध के थाना प्रभारी नसीब सिंह का कहना है कि शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है।
आरोप कर्ज से ज्यादा ब्याज दे चुके
महिला रोशनी देवी ने आरोप लगाया कि उनके छोटे बेटे संदीप ने भी फाइनेंसरों से कर्ज लिया हुआ है। पिछले काफी समय में वे जितना कर्ज ले चुके हैं, उससे ज्यादा की ब्याज की राशि फाइनेंसरों को दे चुके हैं। एक बेटे को कर्ज के कारण खोने से उन्हें दूसरे बेटे के लिए डर सता रहा है। दूसरा बेटा भी अपने घर से बाहर रहता है और फाइनेंसर उसे भी धमकाते हैं। हालांकि कर्ज कितना है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।
कॉल करने पर पता चला हो चुकी मौत
मृतक के भतीजे अनिल ने बताया कि उनके चाचा शिव कुमार बिहार के वैशाली में किराये के कमरे में रह रहे थे। छह सितंबर को उन्हें कॉल किया गया तो मकान मालिक महिला ने कॉल उठाया। उन्होंने बताया कि उनके चाचा की मौत हो चुकी है। इसके बाद वे परिवार के साथ बिहार गए, वहां से शव लेकर असंध लौटे और अंतिम संस्कार किया गया। मृतक ने दो विवाह किए थे, इससे उनके चार बच्चे हैं। घर चलाने के लिए उन्होंने रोजगार को बढ़ाने के उद्देश्य से कर्ज लिया था।