करनाल। भारतीय गेहूं एवं जौं अनुसंधान संस्थान (आईआईडब्ल्यूबीआर) में 19 अक्तूबर को पंजीकृत किसानों को नई एवं जलवायु सहनशील किस्मों के बीज का वितरण जिलावार किया जाएगा। ये जानकारी आईआईडब्ल्यूबीआर के निदेशक डॉ. रतन तिवारी ने दी। उन्होंने बताया कि संस्थान की ओर से डीबीडब्ल्यू-371, डीबीडब्ल्यू-372, डीबीडब्ल्यू-303, डीबीडब्ल्यू-327, डीबीडब्ल्यू-222, डीबीडब्ल्यू-187, डीबीडब्ल्यू-370 व डीबीडब्ल्यू-332 किस्म का बीज पूरे देश के किसानों के लिए उपलब्ध है। इसका पंजीकरण कराया जा चुका है। इसके अलाव मध्यप्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़ व राजस्थान राज्य के किसानों के लिए डीबीडब्ल्यू-377, डीबीडब्ल्यू-359 व डीबीडब्ल्यू-48 और बिहार राज्य के लिए डीबीडब्ल्यू-316 किस्म और जौं का डीडब्ल्यूआरबी-137 का बीज उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि बीज वितरण 19 से 24 अक्तूबर तक किया जाएगा। पहले दिन 19 अक्तूबर को पंजाब के अमृतसर, बरनाला, बठिंडा. फरीदकोट, फतेहगढ़ साहिब, फजिल्का, फिरोजपुर, गुरदासपुर, होशियारपुर, जालंधर, कपूरथला, लधियाना व मांसा जिले के किसानों को, 20 अक्तूबर को पंजाब राज्य के ही शेष सभी जिलों के किसानों को बीज दिया जाएगा। 21 अक्तूबर को हरियाणा राज्य के अंबाला, भिवानी, चरखीदादरी, फरीदाबाद, फतेहाबाद, गुरुग्राम, हिसार, झज्जर, जींद व कैथल जिले के किसानों को और 22 अक्तूबर को करनाल, कुरुक्षेत्र, महेंद्र गढ़, नूह, पलवल, पंचकूला, पानीपत, रेवाड़ी, रोहतक, सिरसा, सोनीपत व यमुना नगर जिले के किसानों को बीज दिया जाएगा। इसके अलावा 23 व 24 अक्तूबर को उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश,, बिहार, पश्चिमी बंगाल, उत्तराखंड आदि राज्यों के किसानों को बीच मिलेगा।
लवणीय भूमि के लिए सरसों-गेहूं की नई किस्मों के बीज की बिक्री शुरू
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान (सीएसएसआरआई) करनाल में लवण सहनशील सरसों और गेहूं के बीजों की बिक्री हुई शुरू कर दी गई है। इसमें सरसों की चार और गेहूं चार नई किस्मों के बीज शामिल हैं। इन किस्मों का बीज हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के लवणग्रस्त (क्षारीय और लवणीय) इलाकों में सरसों व गेहूं की बेहतर पैदावार के लिए है।
केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान (सीएसएसआरआई) के निदेशक डॉ. आरके यादव ने बताया कि हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और खासकर उत्तर प्रदेश के लवणग्रस्त (क्षारीय एवं लवणीय) भूमि वाले इलाकों के लिए सरसों और गेहूं के बीजों की बिक्री शुरू कर दी गई है। जिसमें सरसों की सीएस-58, सीएस-61, सीएस-62, सीएस- 64 और गेहूं की केआरएल-210, केआरएल-213, केआरएल- 283 किस्में शामिल हैं। ये किस्में खारे पानी एवं लवणीय व क्षारीय भूमि में दूसरी किस्मों की बजाय अधिक पैदावार देती हैं। सभी किसानों से अनुरोध है कि संस्थान द्वारा खोजी गई सरसों और गेहूं की इन किस्मों को लगाएं, ताकि खराब भूमि पर भी अधिक पैदावार हो सके। उन्होंने बताया कि बीज खरीद संबंधी कोई जानकारी यदि किसी किसान चाहिए तो वह संस्थान के 96170-15567, 70152-41329, 89507-68677 फोन नंबर पर संपर्क कर सकता है। बीज के बिल भुगतान केवल यूपीआई तथा कार्ड माध्यम से ही लिया जाएगा।
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